
Neha Pacchisia : कटनी की पूर्व सीएसपी नेहा पच्चीसिया मामले की जांच में अब सीसीटीवी फुटेज को अहम माना जा रहा है। पूर्व सीएसपी सहित पुलिस का कौन अधिकारी कब, कहां था, यह अब सीसीटीवी बताएगा। प्रकरण के आरोपी, गवाहों से उनकी पूछताछ, आने जाने सहित सभी गतिविधियां और अन्य करतूतें कैमरों में कैद हो चुकी हैं। जबलपुर में पदस्थ एएसपी अंजना तिवारी के नेतृत्व में जांच कर रही एसआईटी सीसीटीवी खंगालकर अनेक राज खोलेगी।
न्यायालय से अनुमति लेने के बाद सोमवार को एएसपी अंजना तिवारी कटनी जिला जेल पहुंचीं और दोनों आरोपियों से पूछताछ की। जांच टीम का फोकस इस बात पर है कि प्रकरण दर्ज होने के बाद पुलिस कार्रवाई किस तरह आगे बढ़ी, आरोपियों के संपर्क में कौन लोग रहे और कथित जमीन सौदे से जुड़े घटनाक्रम की शुरुआत कहां से हुई।
एसआईटी की जांच में प्रकरण में मिली डिफॉल्ट बेल भी अहम बिंदु है। निर्धारित अवधि में चालान पेश नहीं होने के कारण आरोपियों को डिफॉल्ट बेल मिली थी। अब यह देखा जा रहा है कि चालान तैयार होने के बाद उसकी न्यायालय में प्रस्तुति में क्या परिस्थितियां रहीं।
कथित जमीन सौदे से जुड़े नामांतरण रिकॉर्ड, रजिस्ट्री, भुगतान और संबंधित पक्षों के दस्तावेज भी एसआईटी के जांच दायरे में हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जमीन का सौदा किस परिस्थिति में हुआ, भुगतान किस तरह किया गया और इसमें किन लोगों की भूमिका रही। इन दस्तावेजों को जेल में दर्ज बयानों और सीसीटीवी फुटेज से मिलाकर देखा जाएगा।
पूर्व सीएसपी नेहा पच्चीसिया केस की जांच में अब सीसीटीवी अहम भूमिका निभाएंगे। सभी अधिकारियों, आरोपियों, गवाहों की गतिविधियां इनमें कैद हैं। एसआईटी संबंधित स्थानों के फुटेज जुटाकर लोगों की आवाजाही और मुलाकातों की जानकारी खंगालेगी। फुटेज से मिलने वाले तथ्यों को गवाहों के बयानों के साथ मिलाया जाएगा। इससे घटनाक्रम की टाइमलाइन तैयार करने में मदद मिलेगी। एसआइटी यह पता लगा रही है कि जिन मुलाकातों या गतिविधियों का जिक्र है, वे वास्तव में हुई थीं या नहीं।
एसआईटी के जांच अधिकारियों के अनुसार जहां आरोपियों के बयान लिए गए हैं वहीं कुछ गवाहों के बयान लिए जाने की भी तैयारी है। जांच टीम, इन बयानों को प्रकरण में सामने आए आरोपों, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों से मिलाएगी।