कोलकाता

कोलकाता के पार्क स्ट्रीट फुटपाथ विवाद में नया मोड़ : मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पीड़िता को आवास देने का किया वादा

Park Street Controversy: मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पार्क स्ट्रीट फुटपाथ विवाद में शामिल सीता देवी को सरकारी आवास देने का आश्वासन दिया। सीता देवी ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी समस्याएं बताईं और कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री पर पूरा भरोसा है।
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Aug 25, 2026
Park Street Controversy
मुख्यमंत्री से मुलाकात करती महिला। फोटो- (X-@SanmargHindi)

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को पार्क स्ट्रीट के फुटपाथ पर रहने वाली उस महिला को सरकारी आवास उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया, जिनसे कुछ दिन पहले कोलकाता के पार्क स्ट्रीट में बच्चे के लिए दूध गर्म करने को लेकर राज्य की नगर विकास एवं नगर मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल की तीखी बहस हुई थी। पार्क स्ट्रीट फुटपाथ विवाद के केंद्र में रही सीता देवी अपने एक हाथ में बच्ची और दूसरे हाथ में दूध की बोतल लेकर एक रिश्तेदार के साथ साल्ट लेक स्थित भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय पहुंचीं।

उन्होंने मुख्यमंत्री अधिकारी से उनके ‘जनता दरबार’ जनसंपर्क कार्यक्रम के बाद मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने सीता देवी से संक्षिप्त बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह कोलकाता नगर निगम को सीता देवी के परिवार के लिए उचित आवास की व्यवस्था करने के निर्देश देंगे। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद सीता देवी ने कहा कि मुझे मुख्यमंत्री पर पूरा भरोसा है। अधिकारी ने बताया कि सीता देवी ने मंत्री अग्निमित्रा पॉल से जुड़ी घटना को लेकर किसी के खिलाफ कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है।

तृणमूल कांग्रेस पर हमला

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे पैसे का लालच देकर लोगों को भाजपा और राज्य सरकार के खिलाफ बयान देने के लिए उकसा रहे हैं। अधिकारी ने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि ममता बनर्जी सरकार के 15 साल के शासन के दौरान इस परिवार को कोई घर नहीं दिया गया। उन्होंने आगे कहा कि अब लोगों को पैसे देकर भाजपा की आलोचना करने के लिए भेजा जा रहा है, लेकिन पीड़िता ने खुद वर्तमान भाजपा सरकार पर भरोसा जताया है।

अग्निमित्रा पॉल ने दी थी सफाई

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने सोमवार को कहा था कि फुटपाथ पर बच्चे के लिए दूध गर्म कर रही महिला को उन्होंने किसी गलत इरादे से नहीं हटाया था। उनका कहना था कि महिला और बच्चा व्यस्त सड़क के किनारे थे, जिससे हादसे का खतरा बना हुआ था। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विपक्ष ने पॉल की आलोचना की थी। शहरी विकास एवं नगर मामलों की मंत्री पॉल ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो संदेश में सफाई दी थी कि उन्होंने बच्चे का दूध नहीं छीना था, बल्कि महिला से सिर्फ फुटपाथ से हटने के लिए कहा था। वायरल वीडियो में पॉल महिला से फुटपाथ खाली करने के लिए कहती नजर आ रही थीं। महिला ने बताया था कि वह अपने पोते के लिए दूध गर्म कर रही थी।

Updated on:
25 Aug 2026 06:29 pm
Published on:
25 Aug 2026 06:25 pm