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सुप्रीम कोर्ट से महुआ मोइत्रा को झटका, नादिया सर्किट हाउस विवाद पर सुनवाई से इनकार, CJI बोले- हाई कोर्ट जाएं

Mahua Moitra: टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा को नादिया के सर्किट हाउस खाली कराने वाले मामले में सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई से मना करते हुए हाई कोर्ट जाने को कहा है।
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टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा (फोटो सोर्स - ANI)

TMC MP Mahua Moitra: तृणमूल कांग्रेस (TMC) की वरिष्ठ सांसद महुआ मोइत्रा की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती दिख रही हैं। पश्चिम बंगाल के नादिया जिले स्थित सर्किट हाउस को खाली कराए जाने के प्रशासनिक आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची टीएमसी सांसद को सर्वोच्च अदालत से कोई राहत नहीं मिली है। अदालत ने उनकी याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है।

हाई कोर्ट जाने की सलाह

मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि अदालत इस याचिका पर विचार नहीं करेगी। सीजेआई ने कहा कि यह ऐसा मामला है जिस पर पहले संबंधित राज्य का उच्च न्यायालय विचार कर सकता है। ऐसे में सांसद को राहत के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट की शरण में जाना होगा।

देर रात परिसर खाली करने का आरोप

यह पूरा विवाद 14 अगस्त का है। महुआ मोइत्रा का आरोप है कि नादिया जिला प्रशासन ने अदालत के निर्देशों की अनदेखी करते हुए उन्हें सर्किट हाउस स्थित उनके सरकारी आवास से अचानक बेदखल कर दिया। सांसद का कहना था कि वह शाम 6:15 बजे सर्किट हाउस पहुंची थी और उन्हें हमेशा की तरह कमरा दिया गया था। हालांकि, रात 9:47 बजे अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADM) का फोन आया और उन्हें परिसर तुरंत खाली करने के लिए कहा गया।

ऊपर से आए आदेश का हवाला

मोइत्रा का दावा है कि प्रशासन ने कार्रवाई के पीछे 'ऊपर से आए निर्देशों' का हवाला दिया। इसके तुरंत बाद डिप्टी कलेक्टर की ओर से व्हाट्सएप पर एक पत्र भेजा गया, जिसमें 12 अगस्त के एक आदेश का जिक्र था। इस आदेश में सर्किट हाउस में रखरखाव और सफाई कार्य चलने की बात कही गई थी।

निष्पक्ष जांच और सुरक्षा का मुद्दा

सांसद के वकील ने अदालत में तर्क दिया कि कलकत्ता हाई कोर्ट से महुआ मोइत्रा को सुरक्षा मिली हुई थी, फिर भी स्थानीय प्रशासन ने इस तरह की कार्रवाई की। वकील ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के खिलाफ बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग रखी। हालांकि, शीर्ष अदालत से कोई तुरंत राहत न मिलने के कारण अब महुआ मोइत्रा को एक बार फिर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।

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