
चिराग पासवान। (फोटो-IANS)
Chirag Paswan on Reservation: देश में जाति आधारित आरक्षण की समीक्षा या उसे खत्म करने की चल रही मांग के बीच, केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा कि आरक्षण कोई दान या खैरात नहीं है, बल्कि यह बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा संविधान में दिया गया एक मजबूत अधिकार है, जिसे दुनिया की कोई भी ताकत छीन नहीं सकती। उन्होंने कहा कि जब तक वह और उनकी पार्टी सरकार का हिस्सा हैं, तब तक इस संवैधानिक प्रावधान के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं होने दी जाएगी।
चिराग पासवान ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल और लोग हर गंभीर मुद्दे को सिर्फ राजनीतिक नजरिए से देखते हैं। उन्होंने कहा कि आरक्षण कोई ऐसी व्यवस्था नहीं है जिसे सिर्फ इसलिए खत्म किया जा सके क्योंकि किसी ने बयान दिया या मांग उठाई, यह एक मजबूत संवैधानिक अधिकार है। जो लोग समीक्षा या सुधार के नाम पर आरक्षण खत्म करने के बारे में सोच रहे हैं, उन्हें शायद इस बात की बुनियादी समझ नहीं है कि आज देश में सामाजिक न्याय और आरक्षण क्यों जरूरी हैं।
चिराग पासवान ने आगे कहा कि देश में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लोग ऐतिहासिक रूप से छुआछूत और सामाजिक बहिष्कार का शिकार रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़ी एक घटना का जिक्र करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि एक वरिष्ठ नेता के मंच से चले जाने के बाद उसे 'शुद्ध' करने की कथित घटना समाज की मौजूदा मानसिकता को दर्शाती है।
चिराग ने कहा कि आज भी देश के कई हिस्सों में दलित युवाओं को शादी की बारात में घोड़ी पर चढ़ने से रोका जाता है, बारात निकालने पर पाबंदी लगाई जाती है और बड़े नेताओं के मंदिर जाने के बाद मंदिर परिसरों को गंगाजल से धोया जाता है। उन्होंने कहा कि जब तक सामाजिक भेदभाव की यह गहरी समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हो जाती, तब तक आरक्षण व्यवस्था बनी रहनी चाहिए।
आरक्षण व्यवस्था के तहत 'क्रीमी लेयर' और उप-वर्गीकरण के बारे में चिराग पासवान ने कहा कि इन उपायों से समाज के पिछड़े वर्गों की ताकत कम हो जाएगी। उन्होंने कहा कि SC और ST समुदाय अभी एकजुट हैं और अपनी बात मजबूती से रखने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि उप-वर्गीकरण या 'क्रीमी लेयर' जैसी व्यवस्थाएं लागू करने से समुदाय की सामूहिक शक्ति कम हो जाएगी, जिससे आरक्षण खत्म करने की कोशिश करने वाली ताकतों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा सरकार ने SC, ST और OBC समुदायों के अधिकारों की रक्षा की है और साथ ही सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10% EWS आरक्षण लागू करके एक बड़ा कदम उठाया है।
चिराग पासवान ने कहा कि आरक्षण बाबासाहेब की सोच से तैयार की गई एक मजबूत संवैधानिक ढाल है। उन्होंने कहा कि वे पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय रामविलास पासवान के पुत्र हैं और जब तक वे सरकार का हिस्सा हैं, इस व्यवस्था को किसी भी कीमत पर कमजोर या प्रभावित नहीं होने देंगे। सामाजिक न्याय और वंचितों के अधिकारों की सुरक्षा उनकी सरकार की प्राथमिक प्रतिबद्धता है।
Updated on:
24 Aug 2026 04:37 pm
Published on:
24 Aug 2026 04:37 pm
