तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने यहां जीत को लेकर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को चुनौती दी थी। उन्होंने खुलेआम दावा किया कि उनके डायमंड हार्बर मॉडल में कोई सेंध नहीं लगा सकता है।
आखिरकार डायमंड हार्बर मॉडल भी रविवार को ढह गया। भाजपा ने पश्चिम बंगाल के फालता विधानसभा क्षेत्र में पुनर्मतदान के बाद रविवार को ऐतिहासिक जीत दर्ज की। भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने अपने निकटतम माकपा प्रतिद्वंद्वी शम्भू नाथ कुर्मी को 1.09 लाख से अधिक वोट मात दी। निर्वाचन आयोग के अधिकारी ने कहा कि देबांग्शु पांडा को कुल 1,49,666 वोट मिले, जबकि शम्भू नाथ को 40,645 वोट से संतोष करना पड़ा। पुनर्मतदान से ठीक 48 घंटे पहले मैदान छोड़ने वाले तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान को महज 7783 वोट मिले। कांग्रेस के अब्दुर रज्जाक मोल्ला 10084 वोट प्राप्त कर तीसरे स्थान पर रहे। तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान ने पुनर्मतदान से दो दिन पहले चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा की थी और इसे अपना निजी फैसला बताया था। फालता में भाजपा की यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने यहां जीत को लेकर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को चुनौती दी थी। उन्होंने खुलेआम दावा किया कि उनके डायमंड हार्बर मॉडल में कोई सेंध नहीं लगा सकता है। दरअसल, फालता क्षेत्र उनके डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के तहत आता है। पिछली बार अभिषेक बनर्जी ने डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र से भारी मतों से जीत दर्ज की थी।
फालता में 29 अप्रैल को दूसरे चरण में मतदान हुआ था। उस समय कई बूथ से ईवीएम पर इत्र जैसे पदार्थ और टेप कथित तौर पर लगाए जाने की शिकायतें मिली थीं। बाद में की गई जांच में कई मतदान केंद्रों पर लगे वेब कैमरों में रिकॉर्ड फुटेज से छेड़छाड़ के कथित प्रयासों का भी पता चला। इससे बूथ-स्तरीय अधिकारियों, पीठासीन अधिकारियों, मतदान कर्मियों और चुनाव पर्यवेक्षकों की भूमिका पर सवाल उठे। इसके बाद निर्वाचन आयोग ने सभी बूथ पर पुनर्मतदान का आदेश दिया था। इसके बाद निर्वाचन आयोग ने सभी बूथ पर पुनर्मतदान का आदेश दिया था। दक्षिण 24 परगना जिले के निर्वाचन क्षेत्र के सभी 285 बूथ पर 21 मई को पुनर्मतदान कराया गया था।आयोग ने सुचारू मतदान सुनिश्चित करने के लिए पूरे निर्वाचन क्षेत्र में केंद्रीय बलों की लगभग 35 कंपनियों की तैनाती के साथ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। इस निर्वाचन क्षेत्र में कुल मतदाताओं में 1,21,300 पुरुष, 1,15,135 महिलाएं और नौ ट्रांसजेंडर व्यक्ति शामिल हैं।
फालता में भाजपा की बड़ी जीत के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि डायमंड हार्बर मॉडल अब तृणमूल के हार-बार मॉडल में बदल गया। सोशल मीडिया पर जारी पोस्ट में उन्होंने भाजपा प्रत्याशी देबांग्शु पांडा को भारी जनादेश देने के लिए फालता की जनता को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि फालता की जनता का यह ऋण विकास के माध्यम से चुकाया जाएगा। हम सोनार फालता बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने बिना नाम लिए तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधा।उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल ने वर्षों तक सरकारी मशीनरी, सिंडिकेट, धमकी और वसूली के दम पर लोकतंत्र का गला घोंटा। पिछले चुनावों में मतदान प्रहसन बन गया था और लोगों को स्वतंत्र रूप से वोट देने का अधिकार नहीं था। उन्होंने कहा कि 15 साल बाद लोगों को पहली बार अपना वोट खुद देने की आजादी मिली और उसी के साथ असली जनमत सामने आ गया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि यह तृणमूल के राजनीतिक पतन की शुरुआत भर है। आने वाले दिनों में पार्टी को और बड़े जनआक्रोश का सामना करना पड़ेगा।
तृणमूल कांग्रेस विधायक कुणाल घोष ने फालता विधानसभा क्षेत्र में हार को लेकर चुनाव आयोग और पुलिस प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि फालता से जो परिणाम आए हैं, वे दुर्भाग्यपूर्ण हैं। यह इलेक्शन नहीं था। जिसकी उम्मीद थी, ठीक वैसा ही हुआ। जिसको जीतना था, वही चुनाव आयोग के संरक्षण में जीत गया। हमारे तृणमूल उम्मीदवार के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया, गिरफ्तार किया गया, धमकाकर उनके घरों से बाहर निकाल दिया गया।