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एक बार फिर देश का शीर्ष निवेश गंतव्य बनेगा बंगाल: मुख्यमंत्री सुवेंदु

मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल के करीब एक करोड़ कामगार राज्य के बाहर रोजगार में लगे हैं और राज्य सरकार औद्योगिकीकरण के जरिये बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना चाहती है।
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एक बार फिर देश का शीर्ष निवेश गंतव्य बनेगा बंगाल: मुख्यमंत्री सुवेंदु

एक बार फिर देश का शीर्ष निवेश गंतव्य बनेगा बंगाल: मुख्यमंत्री सुवेंदु

राज्य के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य एक बार फिर भारत का शीर्ष निवेश गंतव्य बनेगा। कारोबार के अनुकूल माहौल तभी बनता है जब कानून-व्यवस्था बेहतर हो। उन्होंने आरोप लगाया कि वाम मोर्चा सरकार के दौरान राज्य का कर्ज करीब दो लाख करोड़ रुपए था, जो पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बढ़कर करीब आठ लाख करोड़ रुपए हो गया। उन्होंने कहा कि राज्य के लिए अपना राजस्व बढ़ाने के लिए निवेश आकर्षित करना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल के करीब एक करोड़ कामगार राज्य के बाहर रोजगार में लगे हैं और राज्य सरकार औद्योगिकीकरण के जरिये बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योग, बुनियादी ढांचा और कौशल विकास के जरिये रोजगार सृजन के लिए तीन स्तंभों वाला ढांचा तैयार कर रही है। कानून-व्यवस्था को उद्योग विकास की बुनियाद बताते हुए सुवेंदु ने कहा कि राज्य सरकार ने वसूली और कटमनी संस्कृति पर काफी हद तक अंकुश लगाया है।

बंगाल में उद्योगों के लिए जमीन की उपलब्धता नहीं बनेगी बाधा

सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार 100 करोड़ रुपए और उससे अधिक के निवेश प्रस्तावों के लिए एकल खिड़की मंजूरी व्यवस्था लागू करेगी और राज्य में उद्योगों के लिए जमीन की उपलब्धता बाधा नहीं बनेगी। सीएम ने हुगली जिले के डानकुनी में लक्स इंडस्ट्रीज की नई विनिर्माण इकाई की आधारशिला रखने के बाद कहा कि सरकार राज्य में कारोबार के अनुकूल माहौल बनाने और नए निवेश आकर्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने लगभग 600 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली इस इकाई की आधारशिला रखते हुए कहा कि राज्य एक बार फिर देश में प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में अपनी स्थिति हासिल करने की ओर बढ़ रहा है और राज्य औद्योगिक विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि 100 करोड़ रुपए से अधिक निवेश करने वाले उद्योगपतियों को त्वरित मंजूरी दी जाएगी। इसके अलावा उद्योग विस्तार के लिए 5000 करोड़ रुपए का विशेष बजट भी निर्धारित किया गया है। राजस्व बढ़ाने के लिए औद्योगिक निवेश जरूरी है और इसके लिए सरकार हर संभव सहायता देगी। नई भूमि नीति के तहत उद्योगों को जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने तीन-स्तरीय रणनीति की बात करते हुए कहा कि केवल सरकारी नौकरियों से बेरोजगारी दूर नहीं की जा सकती। निजी निवेश को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं को उद्यमी बनाने के लिए कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।

राज्य में विदेशी निवेश लाने का भरोसा

सीएम ने भरोसा जताया कि लोग जल्द ही कानून-व्यवस्था, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधारों के माध्यम से डबल इंजन सरकार के लाभ देखेंगे। उन्होंने राज्य में विदेशी निवेश (एफडीआई) लाने का भरोसा जताते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य बंगाल को फिर से देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में शामिल करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में न केवल स्थानीय या अन्य राज्यों के उद्योगपति, बल्कि विदेशी निवेशक भी आकर्षित होंगे। उन्होंने राज्यसभा सांसद और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य के बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि विदेशी निवेश आएगा, यह सपना दिखाया गया है और उसे साकार करने की जिम्मेदारी हमारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में उद्योग, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में लंबे समय से ठहराव रहा है, जो पिछले 15 वर्ष के साथ-साथ उससे पहले के 34 वर्ष के वाम शासनकाल से चला आ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब इस स्थिति को बदलने का समय आ गया है और डबल इंजन सरकार के जरिए राज्य को विकास की नई दिशा दी जाएगी।

टाटा, बिड़ला, रिलायंस, अडाणी जैसे बड़े उद्योग समूह करेंगे निवेश

इस अवसर पर शमिक भट्टाचार्य ने राज्य में विदेशी निवेश बढ़ने का विश्वास जताते हुए कहा कि वर्तमान में बंगाल में विदेशी निवेश मात्र 0.6 प्रतिशत है, लेकिन इसे तेजी से बढ़ाया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि टाटा, बिड़ला, रिलायंस, अडाणी जैसे बड़े उद्योग समूहों के साथ-साथ इजराइल, सिलिकॉन वैली और म्यूनिख जैसे अंतरराष्ट्रीय केंद्रों से भी निवेश आएगा। राज्य के उद्योग मंत्री तापस राय ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बंगाल में फिर से औद्योगिक उछाल लाना है। उन्होंने संकेत दिया कि राज्य छोड़कर जा चुके उद्योगपतियों को भी वापस लाने की कोशिश की जाएगी, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ सकें और श्रमिकों को बाहर न जाना पड़े। हाल ही में जापानी बहुराष्ट्रीय कंपनी मित्सुबिशी के साथ राज्य सरकार की बैठक हुई थी, जिसमें पश्चिम बंगाल में सेमीकंडक्टर यूनिट स्थापित करने की संभावना पर चर्चा हुई। इस बैठक के बाद निवेश के नए संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

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