कोरीया

नौगई तिहरा हत्याकांड में CBI की एंट्री, जांच के लिए 5 सदस्यीय टीम पहुंची, BJP नेता समेत 3 को जिंदा जलाया था

Triple Murder Case: कोरिया के नौगई तिहरा हत्याकांड की जांच के लिए CBI की 5 सदस्यीय टीम मौके पर पहुंच गई है। इस मामले में भाजपा नेता समेत तीन लोगों को कार में जिंदा जलाकर मार दिया गया था।
2 min read
• •
Updated: 13 Jul 2026, 8:31 AM IST
CBI Investigation
जांच के लिए 5 सदस्यीय टीम पहुंची (फोटो सोर्स-पत्रिका)

Naugai Triple Murder Case: कोरिया जिले के सोनहत थाना क्षेत्र के ग्राम नौगई में भाजपा नेता समेत तीन लोगों की कार में जिंदा जलाकर हत्या के बहुचर्चित मामले की जांच करने CBI की पांच सदस्यीय टीम मौके पर पहुंच गई है। राज्य सरकार की सहमति के बाद टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

निष्पक्ष जांच की उठी थी मांग

बता दें कि घटना के बाद सरगुजा संभागीय सर्व ब्राह्मण समाज ने आईजी को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और बिना किसी बाहरी दबाव के जांच कराने की मांग की थी। वहीं, क्षत्रिय समाज ने कोरिया कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और डीजीपी के नाम ज्ञापन सौंपकर नौगई हत्याकांड की निष्पक्ष जांच और आरोपियों को कठोर दंड दिलाने की मांग की थी।

Naugai Triple Murder Case: यह है घटना

थाना सोनहत क्षेत्र में ठाकुर गुट और त्रिपाठी गुट को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही थी। साथ ही रेत खनन-परिवहन को लेकर विवाद बढऩे लगा था और वारदात के एक दिन पहले मारपीट भी हुई थी। घटना तिथि 16 जून की रात 10.30 बजे कटगोड़ी एवं महलपारा बैकुंठपुर निवासी भरत कुमार सिंह उर्फ लल्ला सिंह अपने साथी योगेन्द्र सिंह, विरेन्द्र सिंह, मयंक सिंह एवं नागेन्द्र सिंह के साथ ग्राम नौगई पहुंचे थे।

इस दौरान पुरानी रंजिश को लेकर मनोज त्रिपाठी के घर के सामने विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। जहां मनोज त्रिपाठी, निशांत त्रिपाठी, अमन त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी एवं अन्य व्यक्तियों ने भरत सिंह के वाहन फॉच्र्यूनर में पेट्रोल डालकर आग लगा (Brutal murder) दी और मारपीट की थी। घटना में भरत सिंह की मौके पर, नागेन्द्र सिंह एवं वीरेन्द्र सिंह की उपचार के दौरान मौत हुई थी।

अब तक 12 आरोपी गिरफ्तार

मामले में कोरिया पुलिस अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इस नृशंस तिहरे हत्याकांड के बाद पूरे प्रदेश में आक्रोश देखने को मिला था। पीड़ित परिवार ने आरोपियों को फांसी देने और मामले की CBI जांच की मांग की थी।

CBI जांच की थी मांग

वहीं करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत समेत कई सामाजिक संगठनों और नेताओं ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर मामले की CBI जांच की मांग उठाई थी। अब राज्य सरकार की सहमति के बाद CBI की पांच सदस्यीय टीम मौके पर पहुंच गई है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

Updated on:
13 Jul 2026, 8:31 AM IST
Published on: