
न्यायालय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश महिला उत्पीड़न प्रकरण क्रम संख्या-1 के पीठासीन अधिकारी कमल कुमार ने करीब 7 वर्ष पुराने बहुचर्चित सत्यनारायण गुर्जर हत्याकांड मामले में सोमवार को फैसला सुनाते हुए 7 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया, जबकि एक आरोपी की मौत होने के कारण उसके खिलाफ कार्रवाई ड्रॉप की गई। एक अन्य आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया है।
वकील रोहितसिंह राजावत ने बताया कि फरियादी खोद्याखेड़ी निवासी भरतराज गुर्जर ने 5 मई 2019 को कैथून थाने में दर्ज करवाई एफआइआर में बताया कि जागलियाहेड़ी गांव निवासी सत्यनारायण गुर्जर (45) उसका ममेरा भाई है। देवकिशन की अर्जुनपुरा की पुश्तैनी जमीन को खाते लगवाने के काम के लिए सत्यनारायण से लेन-देन की बात हुई थी, लेकिन कुछ दिनों बाद देवकिशन ने अन्य लोगों से एग्रीमेंट कर लिया। इसका सत्यनारायण गुर्जर को पता लगा, तो उसने विरोध जताया। 4 मई 2019 को सत्यनारायण अपने दोस्त धर्मराज, भूरिया के साथ दूधियाखेड़ी माताजी दर्शन करने गया। उसी समय उन्हें वहां देवकिशन भी मिल गया।
इस पर सत्यनारायण ने देवकिशन से कहा तुम लोगों ने मेरे साथ अच्छा नहीं किया। तुम लोगों ने जमीन का एग्रीमेंट करवा कर मुझे बदनाम कर दिया। इसी बात पर सत्यनारायण और देवकिशन में विवाद हो गया। उस समय तो साथियों की आपसी समझाइश से मामला सुलझ गया, लेकिन जब शाम को सत्यनारायण दोस्त नंदकिशोर के साथ गांव लौट रहा था।
इसी दौरान देवली से आमली के बीच रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे कनवास थाने के गांव खजूरना निवासी देवकिशन (37), कैथून थाना क्षेत्र के गांव चांदहेड़ी निवासी धनराज गुर्जर (42), कैथून थाना क्षेत्र के गांव सीमलहेड़ी निवासी बाबूलाल उर्फ बाबू बंजारा (62), खजूरना निवासी मुरारी (32), बूंदी जिले के हिण्डोली थाना क्षेत्र के गांव काछोला निवासी यादराम उर्फ गुड्डू (27), सीमलहेड़ी निवासी देवीलाल (58), कैथून थाना क्षेत्र के गांव दीपपुरा मोड निवासी भोजराज (29) और कैथून थाने के गांव चांदहेड़ी निवासी धनपाल (49), कैथून थाना क्षेत्र के गांव बनियानी निवासी महावीर (42) ने अचानक सत्यनारायण गुर्जर पर गंडासी व सरिए से हमला कर पत्थरों से उसका सिर कुचल दिया। इससे सत्यनारायण की चिकित्सालय ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया। अनुसंधान के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक निदेशक अभियोजन बलराम मीणा ने 44 गवाह और 100 से अधिक दस्तावेज प्रस्तुत किए।
इस मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पीठासीन अधिकारी ने 7 आरोपियों देवकिशन, धनराज गुर्जर, बाबूलाल उर्फ बाबू बंजारा, मुरारी, यादराम उर्फ गुड्डू, देवीलाल, भोजराज को आजीवन कारावास और प्रत्येक को 12,500 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। इसके अलावा आर्म्स एक्ट में आरोपी भोजराज व देवीलाल पर 5-5 हजार रुपए अलग से अर्थदंड भी लगाया, जबकि महावीर की 29 अक्टूबर 2024 को मौत होने के कारण उसके खिलाफ कार्रवाई ड्रॉप की गई। वहीं धनपाल को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया गया।