
कोटा। राजस्थान के कोटा में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान मंगलवार शाम बड़ा हादसा हो गया। बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में 80 फीट रोड स्थित स्टील ब्रिज के पास चंबल की दायीं मुख्य कोटड़ा नहर में नाव पलटने से चार बच्चे डूब गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। लापता बच्चों की तलाश के लिए प्रशासन ने बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया है। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, नगर निगम की रेस्क्यू टीम और गोताखोर नहर में तलाश अभियान चला रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, विज्ञान नगर के संजय नगर से बच्चे दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए नहर पर पहुंचे थे। विसर्जन के दौरान बच्चे लकड़ी की छोटी नाव में सवार हुए। इसी दौरान बीच नहर में नाव पलट गई और बच्चे पानी में गिर गए। हादसे के बाद चार बच्चों के लापता होने की सूचना सामने आई। उनकी पहचान केशु, गोलू, सुरेश और राहुल के रूप में हुई है। वहीं, माला कंवर और दीपक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
हादसे की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर पीयूष समारिया, सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम, कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर, एडीएम रवि वर्मा सहित पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को लगाया गया है। नगर निगम की रेस्क्यू टीम और गोताखोर भी अभियान में जुटे हैं। जानकारी के अनुसार, तीन बोट की मदद से नहर में लापता बच्चों की तलाश की जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मछुआरे की छोटी नाव में सात लोग सवार हुए थे। नाव में तीन लोग बांयी तरफ और तीन लोग दांयी तरफ बैठे थे। बीच में दुर्गा मां की प्रतिमा रखी गई थी। नाव के एक सिरे पर बैठकर नाविक सुरेश नाव चला रहा था। बीच पानी में नाव पलटने के बाद माला कंवर, दीपक और नाविक सुरेश तैरकर बाहर निकल आए, जबकि चार लोगों का पता नहीं चल पाया।
हादसे की खबर मिलते ही बच्चों के परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए। अपनों की तलाश में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। प्रशासनिक अधिकारी लगातार रेस्क्यू टीमों से जानकारी ले रहे हैं और अभियान की निगरानी कर रहे हैं। फिलहाल चारों लापता बच्चों की तलाश जारी है। प्रशासन की प्राथमिकता उन्हें जल्द से जल्द तलाशना है।