
Govind Singh Dotasra and Madan Rathore. photo-patrika
जयपुर। दिल्ली में NSUI की राष्ट्रीय सचिव रितु बराला के साथ कथित मारपीट और अभद्रता के मामले ने राजस्थान की सियासत में नया विवाद खड़ा कर दिया है। दिल्ली पुलिस के खिलाफ जयपुर में जीरो FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं का धरना मंगलवार को भी जारी रहा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पुलिस को चुनौती देते हुए कहा कि दिल्ली में दर्ज FIR दिखा दी जाए, तो कांग्रेस नेता धरना समाप्त कर देंगे। दूसरी ओर, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस के प्रदर्शन को राजनीतिक नाटक बताते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष त्योहार के माहौल को खराब कर रहा है।
मामले को लेकर जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में सोमवार शाम से शुरू हुआ धरना मंगलवार को भी नहीं उठा। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कमिश्नरेट के बाहर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई। हालात संभालने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया। हालांकि, कांग्रेस नेता जीरो FIR दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे।
पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि पुलिस यह स्पष्ट करे कि दिल्ली में आखिर कौन सी FIR दर्ज हुई है। उन्होंने कहा कि जीरो FIR दर्ज कराना कांग्रेस का कानूनी अधिकार है और इसमें पुलिस को क्या परेशानी है। डोटासरा ने दावा किया कि केरल में भी जीरो FIR दर्ज हुई है, जबकि जयपुर पुलिस इस मामले में अलग रुख अपना रही है। डोटासरा ने कहा कि पुलिस के अधिकारी चाहें तो उनसे बातचीत कर सकते हैं, लेकिन कांग्रेस अपनी मांग से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि पार्टी आखिरी दम तक लड़ाई लड़ेगी। इससे पहले सोमवार रात डोटासरा समेत कांग्रेस के कई नेता कमिश्नरेट परिसर में ही जमीन पर सोए। मंगलवार सुबह धरनास्थल पर ही चाय-नाश्ता किया।
बताया जा रहा है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी डोटासरा को फोन कर मामले में जयपुर में FIR दर्ज कराने की मांग उठाने को कहा था। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने कमिश्नरेट पहुंचकर दबाव बनाया। दूसरी तरफ रितु बराला ने कहा कि उनकी एक कार्यकर्ता के साथ भी दिल्ली पुलिस ने मारपीट की थी, जो केरल की रहने वाली है। रितु ने बताया कि केरल पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज की है तो जयपुर पुलिस को क्या समस्या है।
जयपुर पुलिस ने जीरो FIR दर्ज करने से इनकार करते हुए अपना पक्ष स्पष्ट किया। एडिशनल कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर अजय सिंह के मुताबिक, 13 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान रितु बराला और एक पुलिसकर्मी के बीच हाथापाई का घटनाक्रम हुआ था। इस मामले में दिल्ली के कनॉट प्लेस थाने में FIR संख्या 291/2026 दर्ज है। रितु बराला की ओर से दिया गया परिवाद भी उसी मामले की पत्रावली में शामिल कर जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि जीरो FIR की व्यवस्था ऐसे मामलों में उपयोगी होती है, जब पीड़ित संबंधित थाने तक नहीं पहुंच पाता और किसी दूसरे थाने में शिकायत देता है। रितु बराला पहले ही दिल्ली पुलिस को लिखित शिकायत दे चुकी हैं। ऐसे में उन्हीं तथ्यों पर जयपुर में अलग से जीरो FIR दर्ज करने की जरूरत नहीं है। जयपुर पुलिस के अनुसार, मामले में आगे की कार्रवाई दिल्ली पुलिस की जांच के आधार पर होगी।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस के प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस स्थान पर घटना होती है, सामान्य तौर पर वहीं शिकायत दर्ज कराई जाती है। यदि वहां शिकायत दर्ज नहीं होती, तो कानून में दूसरे विकल्प भी उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को कानूनी प्रक्रिया समझनी चाहिए। राठौड़ ने आरोप लगाया कि राजस्थान कांग्रेस के नेता राजनीतिक श्रेय लेने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि त्योहार के समय इस तरह का माहौल बनाना उचित नहीं है और कांग्रेस नेताओं को प्रदेश में अव्यवस्था पैदा करने से बचना चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि रितु बराला की शिकायत पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला सुरक्षा और सम्मान की बात करने वाले लोग इस मामले में न्याय नहीं दिला रहे हैं। जूली ने कहा कि कांग्रेस नेता धरने पर डटे रहेंगे और पुलिस को शिकायत पर कार्रवाई करनी पड़ेगी।
Updated on:
20 Oct 2026 05:02 pm
Published on:
20 Oct 2026 04:53 pm
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