
आशीष जोशी
कोटा। नीट में 720 में से 177 अंक लाने वाला छात्र भी डॉक्टरी की पढ़ाई करेगा। प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में जिस छात्र को एमबीबीएस कोर्स की अंतिम सीट अलॉट हुई है, उसने नीट यूजी 2026 में 177 अंक अर्जित किए थे। यह इस प्रवेश परीक्षा के न्यूनतम क्वालीफाइंग मार्क्स भी है। वहीं प्राइवेट डेंटल कॉलेज में जिस अभ्यर्थी को बीडीएस की अंतिम सीट अलॉट हुई, उसके नीट में 192 अंक हैं। मेडिकल-डेंटल काउंसलिंग बोर्ड राजस्थान की ओर से 85% कोटा एमबीबीएस-बीडीएस काउंसलिंग के स्ट्रे-वैकेंसी राउंड के गुरुवार को घोषित सीट आवंटन परिणाम में यह चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है।
इस राउंड के बाद राजस्थान के सरकारी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में स्टेट कोटे की सभी सीटें भर गई हैं। निजी कॉलेजों में अभी 188 सीटें खाली हैं। इस राउंड में गवर्नमेंट एमबीबीएस कोर्स की 6, गवर्नमेंट मैनेजमेंट एमबीबीएस की 3 और गवर्नमेंट बीडीएस कोर्स की 4 सीटें उपलब्ध थी। ये सभी सीटें कैंडिडेट कैटेगरी के अनुसार अलॉट हो गई हैं।
वहीं प्राइवेट मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस में 758 जनरल सीट उपलब्ध थी, लेकिन अलॉटमेंट 655 सीट पर ही हुआ और 103 सीटें खाली रह गई हैं। 310 मैनेजमेंट सीट में से 249 सीटों पर ही अलाटमेंट हुआ, 61 सीटें खाली हैं। इधर, प्राइवेट डेंटल कॉलेज में बीडीएस कोर्स में 103 जनरल सीट के मुकाबले अलाटमेंट 85 सीट पर ही हुआ और 18 सीटें अभी खाली हैं। वहीं उपलब्ध 28 मैनेजमेंट सीट के मुकाबले अलाटमेंट 22 सीट पर ही हुआ। छह सीटें खाली रह गई हैं।
कॅरियर काउंसलिंग एक्सपर्ट पारिजात मिश्रा ने बताया कि अभ्यर्थी फीस ऑनलाइन डिपाेजिट कर 23 से 26 अक्टूबर के बीच अकादमिक ब्लॉक एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर में ओरिजनल प्रमाण पत्रों के साथ उपस्थिति देनी होगी। यदि अभ्यर्थी अलाटेड सीट जॉइन नहीं करता है तो उसकी सिक्योरिटी डिपाेजिट जब्त हो जाएगी।