
गौरव शर्मा निमोदा @ बारांबारां शहर में निराश्रित गोवंश सड़कों पर विचरण करता रहता है। कई बार दुर्घटनाओं में ये घायल हो जाते हैं तो कभी इन्हें बचाने के चक्कर में वाहन चालक भी। शहर में कई गोवंश नाले में गिर रहे हैं तो भी विषाक्त खाने से दम तोड़ रहे हैं। शहर में अभी गोशाला है लेकिन क्षमता बहुत कम है और व्यविस्थत भी नहीं है। सबसे बड़ी मांग यही है कि शहर में कम से कम एक हजार क्षमता गोवंश की सुव्यविस्थत गोशाला बननी चाहिए ताकि गोवंश सड़कोें पर भटकने को मजबूर न रहे।
केशव नागर @ आमापुरा
मृत्यु के बाद कई गोवंश को बिना ढके इधर-उधर ले जाकर खुले में डाल दिया जाता है, यह बिल्कुल उचित नहीं है। इससे गोवंश के अपमान के साथ वायु प्रदूषण की समस्या भी होती है। ऐसे में इनके सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार के लिए विद्युत चलित शवदाह गृह की शहर के आस-पास निश्चित स्थान पर व्यवस्था की जानी चाहिए।