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हौसले ने बदली जिंदगी, लीलावती बनीं मिसाल

कोटा

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Newsdesk

Aug 28, 2026

Rajasthan

आत्मनिर्भर बनीं, बेहतर कार्य के लिए राष्ट्रपति सम्मान भी मिला

हिण्डोली. वर्तमान समय में महिलाएं पुरुष से किसी भी मामले में पीछे नहीं है। बशर्त महिला कुछ करने की ठान ले तो वह लक्ष्य पूरा करके दम लेती थी।

हिण्डोली क्षेत्र के अलोद कस्बे के निकट ग्राम मूंडघसा की एक महिला लीलावती गौतम ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। लीलावती बांसी गांव की रहने वाली है, जिसका विवाह मूंडघसा में विनोद शर्मा के साथ हुआ है। लीलावती गौतम शादी के बाद ससुराल आई और गृहस्थी संभाली। परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी। ऐसे में लीलावती गौतम में वर्ष 2016 में राजीविका के सहयोग से बीसी अर्थात बैंकिंग संवाददाता के रूप में कार्य शुरू किया,जो ईमित्र के माध्यम से ग्राहकों की राशि को विड्रोल करवाकर घर घर देकर आना, जमा करवाने का काम शुरू किया।
वह 2021 में मिनी बैंक की बीसी बनी अर्थात बैंकिंग संवाददाता का कार्य करने वाली महिला बनी। उसके अच्छे कार्य से प्रभावित होकर 16 फरवरी 2024 को बेणेश्वर धाम में 16 फरवरी 2024 को आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सम्मानित भी किया था। उसके बाद लीलावती ने काम की रफ्तार बढ़ाई और माह में 40 हजार तक पगार कमाने लगी, जिससे परिवार भी मजबूत हुआ।

लीलावती गौतम के समूह में 12 महिला सदस्य शामिल हैं, जो बीसी के माध्यम से राशि विड्रोल कर सहयोग कर रही है। ताकि ग्राहक को सीधी सेवाएं मिल सके।


मेहनत से बदल गई जिंदगी

लीलावती ने बताया कि जब शादी होकर आई थी तब गृहस्थी जीवन शुरू किया। उसके बाद आत्मनिर्भर बनने के लिए उसने राजीविका को ज्वाइन किया। अलोद चोराहे पर बीसी का कार्य शुरू किया।धीरे-धीरे काम के प्रति लगन बढ़ती गई। वर्तमान में इस कार्य में 35 से 40 हजार रुपए प्रति माह कमा लेती है। जिससे पारिवारिक आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो रही है।परिवार का गुजारा करना आसान हो गया है।

उम्र के साथ पढ़ाई जारी रखी
लीलावती ने राजीविका से जुड़ने के बाद पढ़ाई भी जारी रखी उसने एमए किया व पीजीडीसी का कोर्स भी किया।


महिला बने आत्मनिर्भर

लीलावती का कहना है कि महिलाओं को स्वालंबन, आत्मनिर्भर बनना होगा।उसे घर के दहलीज से बाहर निकल कर परिवार के पालन पोषण के लिए रोजगार परक कार्य करने होंगे। महिला स्वयं को कमजोर नहीं समझे।वह अपनी मेहनत व टैलेंट से अच्छा काम कर सकती हैं। ताकि पति के साथ साथ घर परिवार को आर्थिक संबल दे सकती है।