
हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में समस्याओं का अम्बार
लाखेरी @ पत्रिका. शहर की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। कॉलोनी के 80 प्रतिशत क्वार्टर आबाद होने के बावजूद, घरों से बाहर निकलते ही लोगों को बदहाल रास्ते, जाम नालियां और बढ़ी हुई झाड़ियों का सामना करना पड़ता है। बारिश में कीचड़ और फिसलन से स्थिति और बिगड़ जाती है, जिससे बच्चों और वृद्धों को रास्तों पर चलने में विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। यह समस्या वर्षों पुरानी है। कॉलोनी की बदहाली को लेकर लोगाें ने अधिकारियों तक अपनी परेशानी पहुंचाई, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं हो सका। लोगों का कहना है कि उनकी समस्या जिम्मेदार विभागों की प्राथमिकता में नहीं है। नालियों में गंदगी जमा है और झाड़ियों के कारण रास्ते संकरे हो गए हैं, जिससे आवाजाही प्रभावित होती है और जहरीले कीड़ों का डर भी बना रहता है। वृद्धि लाल, मुकुट बिहारी, जमुना शंकर, बजरंग लाल, जसवीर सिंह, जटाशंकर, भवानी सिंह, कांति, मोनिका, सोनू, सीमा, कस्तूरी बाई, बद्री बाई, मांगी बाई, कमला, रिहाना, रुई, मोनिका, आशा और गायत्री सहित अनेक लोगों ने बताया कि उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई से मकान खरीदे, लेकिन घर के बाहर की अव्यवस्था ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है। वे चाहते हैं कि प्रशासन किसी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय पहले ही समस्या का समाधान करे। रहवासियों ने मांग की है कि हाउसिंग बोर्ड के अधिकारी कॉलोनी का मौके पर निरीक्षण करें और सफाई, नाली, झाड़ियों तथा रास्तों को लेकर स्पष्ट कार्ययोजना बनाकर तत्काल कार्रवाई करें। अब उन्हें केवल आश्वासनों की नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देने वाली कार्रवाई की आवश्यकता है।
Updated on:
28 Aug 2026 06:01 am
Published on:
28 Aug 2026 06:01 am
