
समरानियां. कस्बे के पास स्थित रातई गांव की सहरिया बस्ती में पिछले तीन दिनों से बिजली संकट गहराया हुआ है। जर्जर और पुराने तारों के बार-बार टूटने के कारण बस्ती के लोग लगातार तीन रातों से अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। बारिश के मौसम में रात भर बिजली गुल रहने से जहरीले जीव-जंतुओं के पनपने और उनके काटने का खतरा बना रहता है, जिससे बस्ती वासियों में भय और भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग के कर्मचारी सुबह आकर टूटे हुए तारों को जोड़ तो देते हैं, लेकिन लचर व्यवस्था के कारण रात होते ही फिर से फॉल्ट हो जाता है और बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है। विभाग की लगातार लापरवाही से गुस्साए सहरिया बस्ती के ग्रामीणों ने एकत्र होकर बिजली ग्रिड पर प्रदर्शन किया और विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने समस्या का व्यावहारिक समाधान बताते हुए मांग रखी कि यदि बस्ती की विद्युत लाइन को ढिकवानी लाइन से जोड़ दिया जाए, तो इस बार-बार होने वाले फॉल्ट और कटौती से स्थायी निजात मिल सकती है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली लाइन को ढिकवानी लाइन से जोड़कर आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे आंदोलन करेंगे।