
विभाग नहीं दे रहा है ध्यान
ग्रामीण परेशान
बड़ानयागांव. बारिश के समय गांव के रास्तों से गुजरना भी मुश्किल हो रहा हैं। बड़े-बड़े गड्ढों एक वर्ष में दो बार पैच वर्क भी करवाया गया, लेकिन फिर भी हालात सुधर नहीं पाए।कस्बे में जाने के लिए आम रास्ते जिसे आठवां मिल चौराहा के नाम से जाना जाता है। यह सड़क नेशनल हाइवे 52 से बड़ानयागांव सहकारी समिति तक जाती है, जिसकी हालत पिछले 5 सालों से जर्जर है। मुख्य मार्ग होने के कारण लगातार हर प्रकार के वाहन गुजरते हैं और दिनभर इस रास्ते में धूल के अंबार उड़ते रहते हैं। स्थानीय ग्रामीणों व विद्यार्थियों को रोजाना आवागमन के चलते परेशानियों का सामना करना पड़ता है। घर से नहा धोकर निकालने के बाद इस डेढ़ किलोमीटर की सड़क पर धूल मिट्टी उड़ाने के कारण कपड़े खराब हो जाते हैं।
बारिश के समय इस सड़क के हालात ऐसे हो जाते हैं जैसे यहां सड़क ही ना हो सड़क किनारे दोनों तरफ बड़े-बड़े गड्ढे हो रहे हैं, जिससे दो पहिया वाहन तो क्या चार पहिया वाहन भी बड़ी मुश्किल के साथ यहां से गुजर पाते हैं।
विद्यार्थियों को परेशानी
बड़ा नया गांव में एक सीनियर सेकेंडरी स्कूल और राजकीय महात्मा गांधी स्कूल के साथ निजी विद्यालय में कोचिंग संस्था संचालित है। रोजाना विद्यार्थी इस सड़क से गुजरते हैं, तो उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।
हालांकि कई बार स्थानीय ग्रामीणों का प्रतिनिधि मंडल विभाग के चक्कर लगा चुका है और ज्ञापन भी दे चुका है, लेकिन इस सड़क के लिए विभाग के पास कोई भी कार्य योजना अभी तक बनकर तैयार नहीं हुई है।