
लखनऊ. यूपी में रेप के मामले दिन व दिन बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे ही एक मामला सामने आया हैं कि जगदीश उम्र 45 वर्ष ने एक डेढ़ साल की बच्ची से कर डाला। जब वह बच्ची अचानक रोने लगी तो वह बच्ची को चुप कराने के बहाने दूसरे कमरे में ले गया। उसने डेढ़ साल की बच्ची की मासूमियत भी नहीं देखी और उसके साथ शर्मनाक हरकत कर डाली। जिससे बच्ची लहुलुहान हो गई।
बच्ची का रेप कर लहुलुहान कर दिया
शहर में अपने भाई के यहां गए जगदीश ने रोती हुई डेढ़ साल की बच्ची को चुप कराने के लिए उसकी मां के सामने ही दूसरे कमरे में ले गया और उस बच्ची का रेप कर लहुलुहान कर दिया। जब बच्ची जोर से चिल्लाई तो मां उसकी चीख सुनकर उसे देखने चली गई। जब उसकी मां उस कमरे में पहुंची तो वह देखकर एकदम दंग रह गई। बच्ची के नाजुक अंग से जोरों से खून बह रहा था। जैसे ही मां ने ये हाल देखा तो वहीं से वह जोरों से चिल्लाने लगी। जैसे ही यह मामला परिवार वालों को मालूम हुआ तो उन्होंने जगदीश की बहुत पिटाई की और उसे पीजीआई पुलिस की गिरिफ्त में दे दिया।
बच्ची का पिता अपने परिवार के साथ पीजीआई निवासी पेन्टर परिवार के साथ रहता है। वह अपनी परिवार के साथ एक शादी में शामिल होने के लिए गया हुआ था। उसी शादी में पेन्टर का मामा गोसाईंगंज निवासी जगदीश भी आया हुआ था। रविवार को बच्ची की मां घर में खाना बना रही थी। वहीं पास में ही उसकी बच्ची खेल रही थी। वह अचानक से रोने लगी और चुप भी नहीं हो रही थी। उसी समय अचानक जगदीश वहां पहुंच गया और रिस्तेदार होने के नाते से बच्ची की मां ने उसे बैठने को कहा और इसके बाद कहा कि बच्ची जोर से रो रही हैं उसे आप अपनी गोद में ले लीजिए। जब बच्ची शान्त नहीं तो बाहर घुमाने के बहाने से ले मां से बच्ची को ले लिया।
दर्द से कराह उठी मासूम बच्ची
बच्ची की मां जब घर के कामकाज कर रही थी तो इस बीच मां की नजर बचा कर जगदीश बच्ची को लेकर दूसरे कमरे में चला गया। जहां उसने मासूम बच्ची को अपनी हवस का शिकार बना डाला और उसे लहुलुहान कर दिया। जगदीश की शर्मनाक हरकत से बच्ची के नाजुक अंग में गहरी चोट लगी जिससे खून बहने लगा। वहीं मासूम के कराहने की आवाज सुन मां उसे ढ़ूढ़ने लगी।
मार खाने के बाद कबूला गुनाह
मासूम बच्ची की यह हालत देखकर परिवार वालों का गुस्सा इतना बढ़ गया कि गुस्से में परिवार वालों ने जगदीश की जोरदार पिटाई कर दी। जैसे ही उसकी इस घिनौनी हरकत की खबर पड़ोसियों को मिली तो वो भी उसे पीटने में लग गए। बाद में पीजीआई पुलिस को खबर करके उसे इंस्पेक्टर पीजीआई रवीन्द्र नाथ राय के हवाले कर दिया। इंस्पेक्टर पीजीआई रवीन्द्र नाथ राय ने जगदीश को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही बच्ची को भी मेडिकल चेकअप लिए भेज दिया है।
मेडिकल चेकअप में डाक्टरों का भी नहीं मिला सहयोग
पीजीआई पुलिस द्वारा जगदीश को मेडिकल चेकअप के लिए बलरामपुर अस्पताल भेजा गया है लेकिन बलरामपुर अस्पताल में पुलिस भी काफी देर तक इंतजार करती रही। इसके बावजूद भी डाक्टरों ने जगदीश का मेडिकल चेकअप करने में कोई सहयोग नहीं किया। इसको लेकर पुलिस ने भी डाक्टरों के प्रति आपत्ति जताई है।