Aaj Ka Panchang (12th march 2022) हिन्दू धर्म में पंचांग का बहुत मान्यता है। हिन्दू धर्म में पंचांग के अनुसार ही त्योहार, व्रत सहित पूजा के अनुष्ठान किए जाते हैं। ग्रहों के अनुसार तिथियों को अपना विशेष महत्व होता है। इन महत्व के अनुसार हिन्दू धर्म में पंचांग की गणाने के बाद भी शुभ कार्य किए जाते हैं।
Aaj ka Panchang (12th march 2022) हिंदू पंचांग यानी कि हिंदू धर्म का कैलेंडर, हिंदू पंचांग की खास विशेषताएं हैं। हिंदू समाज में इसकी मान्यता का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि हिंदू समाज में होने वाले त्यौहार रीति रिवाज शादी विवाह यहां तक जन्मदिन पंचांग की तिथियों के अनुसार ही मनाया जाता है। हिंदू पंचांग काफी व्यापक है जो पूरे विश्व में तिथियों की गणना करने की क्षमता रखता है।
हिन्दू पंचांग नक्षत्रों की दशा व दिशा को ध्यान में रखते हुए तिथियों का निर्धारण करता है। पंचांग में चंद्रमा व सूर्य दोनों की स्पष्ट गति को ध्यान में रखा जाता है। ग्रहों की स्थिति के आधार पर दिन व तिथियों का निर्धारण हिंदू पंचांग में किया जाता है। हिंदू धर्म में ग्रहों को देव तुल्य माना जाता है। ऐसे में उनकी स्थिति व दिशा के अनुसार तिथियों का निर्धारण किया जाता है इसी के आधार पर तिथियों को शुभ या अशुभ निर्धारित किया जाता है। हिंदू पंचांग की अपनी वैज्ञानिक मान्यता है जिसके चलते विश्व स्तर पर इसकी स्वीकार्यता भी है।
आज का पंचांग 12 मार्च 2022
सम्वत् -2078
सम्वत्सर - राक्षस (आनंद)
मास - फाल्गुन।
पक्ष - शुक्ल।
दिन - शनिवार।
ऋतु - वसंत।
तिथि - नवमी प्रातः - 06:38 मि. तक उपरांत दशमी।
नक्षत्र - आर्द्रा दिन - 04:13 मि. तक उपरांत पुनर्वसु।
योग - सौभाग्य रात्रि - 02:50 मि. तक उपरांत शोभन।
पंचक - नहीं है।
भद्रा - नहीं है।
मृत्युबाण - नहीं है।
मूल - नहीं है।
चंद्र राशि - मिथुन।
सूर्य राशि - कुंभ।
सूर्य नक्षत्र - पूर्वाभाद्रपद ।
दिशाशूल - पूर्व में।
अभिजित मुहूर्त - नहीं है।
राहुकाल - दिन - 09:00 मि. से 10:30 मि. तक।
सूर्योदय - 06:07 मि.।
सूर्यास्त - 05:53 मि.।
व्रत - कुछ नहीं।
पर्व - कुछ नहीं।
आज विशेष
शनि रिक्ता समायोग से सिद्धयोग प्रातः - 06:42 मि. तक,दोष संघ विनाशक रवियोग पूरे दिन रात।
कल विशेष
फाल्गुन दशमी,लट्ठमार होली नंदगांव, सर्वार्थ सिद्धि रवि पुष्य योग सायं - 06:42 मि. से,रवियोग सायं - 06:42 मि. तक,यायि (मुद्दई) जयद् योग दिन - 08:43 मि. से सायं - 06:42 मि. तक,भद्रा मृत्युलोक की रात्रि - 09:38 मि. से।