
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में सोमवार को अयोध्या के विवादित ढांचा विध्वंस केस को लेकर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पाया कि मामले में पुनरीक्षण याचिका पोषणीय यानी कि सुनवाई योग्य नहीं है। लिहाजा न्यायालय ने याचिका को अपील में परिवर्तित करने का आदेश दिया। याचिका में सभी 32 अभियुक्तों को दोषी करार दिये जाने की भी मांग की गई है। मामले की अगली सुनवाई 1 अगस्त को होगी।
हाजी महबूब और सैयद अखलाक अहमद की तरफ से याचिका दाखिल
बता दें कि बाबरी विध्वंस मामले में आरोपी बनाए गए लोगों को सीबीआई कोर्ट से बरी होने के बाद एक बार फिर उनको छोड़ने को लेकर सवाल किए जा रहे हैं। इसलिए इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में एक पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई थी। यह याचिका बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में पक्षकार हाजी महबूब और सैयद अखलाक अहमद की तरफ से दाखिल की थी।
हालांकि 2021 में ही यह याचिका दाखिल की गई थी लेकिन अब इसकी चर्चा इसलिए हो रही है कि आज इसकी वैधानिकता को लेकर सुनवाई होनी है। अगर पुनर्विचार याचिका स्वीकार कर ली जाती है तो एक बार फिर यह मामला सुर्खियों में आ जाएगा और सरकार समेत उन जीवित आरोपियों को नोटिस जारी कर दी जाएगी और उस पर बाकायदा फिर सुनवाई होगी। मगर यदि यह याचिका स्वीकार नहीं होती है तो खारिज होने के साथ ही इसका वैधानिक अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।