CM's Announcement:सीएम ने मुगलकालीन नाम से जाने जाने वाले 15 इलाकों के नाम बदलने की घोषणा है। अब मियांवाला को रामजीवाला जबकि औरंगजेबपुर को शिवाजीनगर के नाम से जाना जाएगा।
CM's Announcement:मुगलकालीन नाम से जाने जाने वाले उत्तराखंड के 15 इलाकों के नामों को बदलने की घोषणा कर दी गई है। धामी सरकार ने हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिलों के कुल 15 स्थानों के नाम बदलने का निर्णय लिया है। इसमें एक नगर पंचायत समेत गांव, कस्बे और कई सड़कों के नाम शामिल हैं। सबसे पहला नाम हरिद्वार के गांव औरंगजेबपुर का है। इसका नाम अब शिवाजीनगर हो जाएगा। बहादराबाद के गाजीवाली का नाम आर्यनगर जबकि चांदपुर का ज्योतिबाफुले नगर हो जाएगा। नारसन के मोहम्मदपुर जट को मोहनपुर जट, खानपुर कुर्सली को आंबेडकर नगर, खानपुर ब्लॉक के इंदरीशपुर गांव को नंदपुर, खानपुर गांव को श्रीकृष्णपुर और रुड़की के अकबरपुर फाजलपुर गांव को विजयनगर नाम से जाना जाएगा। देहरादून के मियांवाला वार्ड का नाम रामजीवाला करने का निर्णय लिया गया है। देहरादून के विकासनगर के पीरवाला गांव का नाम केसरीनगर, चांदपुर खुर्द का पृथ्वीराजनगर और सहसपुर ब्लॉक के अब्दुल्लापुर गांव का नाम दक्षनगर हो जाएगा।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जिले के हल्द्वानी स्थित नवाबी रोड का नाम बदलने की भी घोषणा की है। नवाबी रोड अब अटल मार्ग कहलाएगा। नैनीताल में पनचक्की से आईटीआई मार्ग गुरु गोलवलकर मार्ग नाम से जाना जाएगा। यूएसनगर की नगर पंचायत सुल्तानपुर पट्टी का नाम कौशल्यापुरी करने का निर्णय हुआ है।
उत्तराखंड में धामी सरकार के इस निर्णय के साथ ही सियासत तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस नेता हरीश रावत ने जगहों के नाम बदलने को, विकास को लेकर उठ रहे सवालों से ध्यान भटकाने की कोशिश करार दिया। उधर, भाजपा ने इसे ऐतिहासिक कदम बताया। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि सरकार ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए स्थानों का नाम परिवर्तन किया है।