
Azad Samaj Party protest: राजधानी लखनऊ में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्टेशन रोड स्थित राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय का घेराव कर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई। प्रदर्शन के दौरान मौके पर काफी गहमागहमी देखने को मिली। कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और उन्हें इको गार्डन भेज दिया।
आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय का घेराव करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया और संबंधित अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास किया। प्रदर्शन के चलते स्टेशन रोड स्थित आयोग कार्यालय के आसपास हलचल बढ़ गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने स्थिति पर नजर बनाए रखी और प्रदर्शन को नियंत्रित करने की कोशिश की।
प्रदर्शन के दौरान उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब पुलिस ने कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोकने और मौके पर व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। दोनों पक्षों के बीच बढ़ती बहस के चलते कुछ समय तक मौके पर गहमागहमी बनी रही। पुलिस ने हालात को बिगड़ने से रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था संभाली और प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने की कार्रवाई शुरू की।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। इसके बाद उन्हें इको गार्डन भेज दिया गया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालय के आसपास की स्थिति को संभालने का प्रयास किया गया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस की मौजूदगी बनी रही, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं की संख्या और पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई के संबंध में विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है।
लखनऊ में राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय पर हुए इस प्रदर्शन ने राजनीतिक हलचल को तेज कर दिया है। आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं की ओर से ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किए गए घेराव के दौरान विरोध और पुलिस कार्रवाई प्रमुख रूप से सामने आए। आयोग कार्यालय जैसे संवेदनशील स्थान पर प्रदर्शन को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए अहम रहा। प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर इको गार्डन भेजे जाने के बाद स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की गई।