Big Relief For Teachers Gratuity Increased: शिक्षकों को बड़ी राहत दी गई है। बेसिक के शिक्षकों-कर्मचारियों की ग्रेच्युटी 20 से बढ़कर 25 लाख रुपये हो गई है।
Big Relief For Teachers Gratuity Increased: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) से शिक्षा विभाग से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के बाद अब बेसिक शिक्षा विभाग में भी बड़ा फैसला लेते हुए परिषदीय और अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) विद्यालयों के शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की ग्रेच्युटी सीमा बढ़ा दी है। अब यह अधिकतम सीमा 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है।
बेसिक शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव वेद प्रकाश राय के अनुसार, शिक्षकों और कर्मचारियों को मिलने वाला महंगाई भत्ता (DA) अब उनके मूल वेतन का 50 प्रतिशत हो गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। यह कदम लंबे समय से लंबित मांगों को देखते हुए उठाया गया है, जिससे हजारों शिक्षकों और कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा।
यह नई व्यवस्था बेसिक शिक्षा परिषद और अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों पर लागू होगी। खासतौर पर वे कर्मचारी, जो 1 जनवरी 2016 या उसके बाद सेवानिवृत्त हुए हैं या भविष्य में सेवानिवृत्त होंगे, इस संशोधन का लाभ उठा सकेंगे।
इससे पहले, 60 वर्ष की आयु पर सेवानिवृत्ति का विकल्प चुनने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी और मृत्यु ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 20 लाख रुपये तय थी, लेकिन बढ़ती महंगाई और कर्मचारियों की मांगों को देखते हुए सरकार ने इस सीमा को संशोधित करने का निर्णय लिया।
अब संशोधित नियमों के तहत ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 25 लाख रुपये कर दी गई है। इसका सीधा फायदा उन कर्मचारियों को मिलेगा, जिनकी सेवा अवधि लंबी रही है और जो सेवानिवृत्ति के समय अधिक लाभ पाने के पात्र हैं।
इस फैसले के बाद शिक्षकों और कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। लंबे समय से वे ग्रेच्युटी सीमा बढ़ाने की मांग कर रहे थे। सरकार के इस कदम को कर्मचारियों के हित में बड़ा निर्णय माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रेच्युटी सीमा बढ़ने से सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। यह निर्णय उन्हें बेहतर वित्तीय सुरक्षा प्रदान करेगा और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने में मदद करेगा।
सरकार का उद्देश्य शिक्षकों और कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं देना और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है। यह निर्णय उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत लोगों का मनोबल भी बढ़ेगा।