
KGMU: तीन बार नोटिस के बावजूद नहीं आया कोई दावा, शासन और पुलिस से समय लेकर होगी कार्रवाई (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)
KGMU Illegal Mazars: राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) परिसर में बनी छह मजारों को प्रशासन ने लावारिस और अवैध घोषित कर दिया है। इन मजारों को लेकर लंबे समय से चल रही जांच और नोटिस प्रक्रिया के बाद अब प्रशासन ने इन्हें परिसर से शिफ्ट कराने की तैयारी शुरू कर दी है। KGMU प्रशासन ने इस संबंध में शासन और पुलिस प्रशासन को पत्र भेजकर आवश्यक अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है।
KGMU के प्रवक्ता डॉ. के.के. सिंह ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि परिसर में मौजूद कुल आठ मजारों की वैधता की जांच कराई गई थी। जांच के दौरान दो प्राचीन और वैध मजारों को कार्रवाई से बाहर रखा गया, जबकि छह मजारों के संबंध में कोई वैध दस्तावेज या देखरेख करने वाला व्यक्ति सामने नहीं आया।
KGMU प्रशासन के अनुसार छह मजारों की वैधता को लेकर विस्तृत प्रक्रिया अपनाई गई। प्रशासन ने पहले इन मजारों से जुड़े संभावित केयरटेकरों और दावेदारों को नोटिस जारी किए। बताया जा रहा है कि तीन अलग-अलग बार नोटिस जारी किए गए, ताकि यदि कोई व्यक्ति इन मजारों से संबंधित दावा या दस्तावेज प्रस्तुत करना चाहता हो तो वह आगे आ सके। लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर कोई भी व्यक्ति दावा करने या जवाब देने नहीं पहुंचा। इसके बाद प्रशासन ने इन मजारों को लावारिस मानते हुए अवैध घोषित कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया नियमों और कानूनी प्रावधानों के तहत पूरी की गई है।
KGMU प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परिसर में मौजूद दो प्राचीन और ऐतिहासिक महत्व वाली मजारों को किसी भी कार्रवाई से बाहर रखा गया है। जांच में इन दोनों मजारों की वैधता और ऐतिहासिक स्थिति स्पष्ट पाई गई थी। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई केवल उन्हीं छह मजारों पर की जा रही है जिनके संबंध में कोई वैध अभिलेख या केयरटेकर सामने नहीं आया। इससे यह साफ किया गया है कि प्रशासन धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए संतुलित तरीके से कदम उठा रहा है।
सूत्रों के अनुसार KGMU परिसर में अस्पताल और चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की योजना चल रही है। प्रशासन का मानना है कि परिसर में अवैध रूप से बनी संरचनाएं भविष्य की परियोजनाओं और सुरक्षा व्यवस्था में बाधा बन रही हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए परिसर में मौजूद विभिन्न निर्माणों की जांच की जा रही थी। इस दौरान मजारों की वैधता का मामला भी सामने आया। अधिकारियों का कहना है कि चिकित्सा संस्थान होने के कारण परिसर में सुरक्षा, साफ-सफाई और व्यवस्थित व्यवस्था बनाए रखना बेहद जरूरी है।
KGMU प्रशासन ने मजारों की शिफ्टिंग को लेकर शासन और पुलिस प्रशासन को पत्र भेजा है। पत्र में कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराने की मांग की गई है। सूत्रों के मुताबिक प्रशासन किसी भी प्रकार के विवाद या तनाव की स्थिति से बचने के लिए पूरी सावधानी बरत रहा है। कार्रवाई से पहले जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक भी प्रस्तावित है।प्रशासन का कहना है कि शासन से समय और अनुमति मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
KGMU प्रशासन ने कहा है कि इस पूरे मामले में धार्मिक संवेदनशीलता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। किसी भी प्रकार की जल्दबाजी या कठोरता से बचते हुए कानून और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रवक्ता डॉ. के.के. सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन का उद्देश्य केवल परिसर को व्यवस्थित करना और वैध-अवैध संरचनाओं की स्थिति स्पष्ट करना है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई पूरी तरह पारदर्शी तरीके से की जा रही है और सभी प्रक्रियाएं नियमों के अनुरूप अपनाई गई हैं।
KGMU परिसर में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। छात्र, कर्मचारी और आसपास के लोग इस फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि परिसर में अवैध निर्माण हटाए जाने चाहिए ताकि संस्थान के विकास कार्यों में बाधा न आए। वहीं कुछ लोग इस मामले में प्रशासन से सावधानी और संवेदनशीलता बरतने की अपील कर रहे हैं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि किसी भी धार्मिक स्थल के प्रति अनादर की भावना नहीं है और केवल नियमों के तहत कार्रवाई की जा रही है।
संभावित कार्रवाई को देखते हुए परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की भी तैयारी शुरू कर दी गई है। पुलिस प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। सूत्रों के अनुसार कार्रवाई के दिन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जा सकता है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। फिलहाल शासन से अनुमति मिलने का इंतजार किया जा रहा है। अनुमति मिलते ही प्रशासन शिफ्टिंग की प्रक्रिया शुरू करेगा। यह मामला अब केवल प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि शहरभर में चर्चा का विषय बन चुका है। आने वाले दिनों में इस मामले पर सभी की नजर बनी रहेगी।
Updated on:
29 May 2026, 9:59 PM IST
Published on:
29 May 2026, 9:58 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.