
रितेश सिंह एक सशक्त पत्रकार, वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी संवेदनशील लेखिका हैं, जिन्होंने अपनी लेखनी और कैमरे के माध्यम से समाज के उन ज्वलंत मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है, जिन पर अक्सर लोगों और व्यवस्था का ध्यान नहीं जाता। पत्रकारिता के साथ-साथ वह रंगमंच (थियेटर) को भी सामाजिक जागरूकता का प्रभावी माध्यम मानती हैं। समय-समय पर विभिन्न सामाजिक विषयों पर नाटकों और रंगमंचीय प्रस्तुतियों के माध्यम से वह समाज में व्याप्त समस्याओं, कुरीतियों और चुनौतियों को सामने लाने के साथ-साथ सरकार एवं जिम्मेदार तंत्र का ध्यान भी इन मुद्दों की ओर आकर्षित करती रही हैं। प्रमुख मंचनों में ‘झाँसी की रानी’, ‘यशोदाबेन’, ‘चुनमुन की अदालत’ और ‘गंगा व्यथा’ जैसी चर्चित प्रस्तुतियाँ शामिल हैं। सामाजिक सरोकारों, महिला सशक्तिकरण और जन-जागरूकता से जुड़े उनके इन मंचनों को विशेष पहचान मिली है। उनके निर्देशन और अभिनय में तैयार नाटकों का मंचन लखनऊ सहित देश के विभिन्न शहरों में आयोजित नाट्य महोत्सवों और प्रतिष्ठित रंगमंचों पर किया जा चुका है। इनमें ‘बंद खिड़की’ विशेष रूप से उल्लेखनीय है, जिसका निर्देशन रितेश सिंह ने किया था। इस नाटक का मंचन नई दिल्ली के प्रतिष्ठित श्रीराम सेंटर में हुआ। सामाजिक विषयवस्तु और प्रभावशाली प्रस्तुति के लिए इस नाटक ने विशेष पहचान बनाई और इसका उल्लेख लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज हुआ। हम शिक्षा की बात करे तो, पत्रकारिता एवं जनसंचार में परास्नातक बनारस से, गोरखपुर विश्वविद्यालय से एम.ए. तथा बी.ए. की शिक्षा प्राप्त की है। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने दैनिक जागरण समूह, आई- नेस्क, राष्ट्रीय स्वरूप, यूनाइटेड भारत, tv न्यूज़ -9 सहित विभिन्न मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं और साथ ही आर्मी पब्लिक स्कूल और अमीनाबाद महिला डिग्री कालेज में स्पेशल क्लास में भी अपनी योगदान दिया है। वर्तमान में वह राजस्थान पत्रिका पोर्टल से Content Creator के रूप में जुड़ी हैं . रितेश सिंह ने अपराध, महिला उत्पीड़न, बाल श्रम, महिलाओं एवं बच्चों के अधिकार, बुजुर्गों के साथ होने वाले अपराध और सामाजिक शोषण जैसे गंभीर विषयों पर लगातार उल्लेखनीय कार्य किया है। उनकी पत्रकारिता केवल खबरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि पीड़ितों की आवाज को समाज और शासन-प्रशासन तक पहुँचाने का माध्यम बनी है। उनकी तस्वीरों और रिपोर्टिंग ने अनेक संवेदनशील मुद्दों को जन चर्चा का विषय बनाया है। उनके पत्रकारिता योगदान को कई प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया गया है। इनमें 2011 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सर्वश्रेष्ठ फोटो जर्नलिस्ट सम्मान, 2013 में देवर्षि नारद सम्मान एवं भारतीय नारी सम्मान, 2016 में उत्तर प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल श्री राम नाईक एवं हिंदुस्तान समाचार द्वारा देवर्षि नारद सम्मान, तथा Help U Women’s Achiever Award प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त उन्हें खेल के क्षेत्र में 2002 में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय द्वारा Best Sport Woman (Badminton) सम्मान भी प्राप्त हुआ। रितेश सिंह आज भी अपनी लेखनी, कैमरे और सामाजिक प्रतिबद्धता के माध्यम से समाज की सच्चाई को सामने लाने और कमजोर वर्गों की आवाज बनने के लिए निरंतर सक्रिय हैं। ritesh.singh@services.patrika.com Social Media Profile Twitter (X): https://x.com/riteshsinghlkou https://www.instagram.com/
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