
हाफिज़ सईद (Photo - ANI)
पाकिस्तान (Pakistan) स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e_taiba) के चीफ हाफिज़ सईद (Hafiz Saeed) पर भारतीय एजेंसियाँ देश का कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam Terrorist Attack) के मामले के हाफिज़ को राजनयिक चैनल से लाहौर में कोर्ट का समन भेजने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी। भारत (India) का विदेश मंत्रालय पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय को तामील करवाने को समन भेजेगा। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पहलगाम आतंकी हमले में हाफिज़ के खिलाफ जुलाई 2026 में पूरक चार्जशीट अदालत में पेश की थी और कोर्ट उसके खिलाफ गैर-जमानती वॉरंट जारी कर चुकी है। इस वॉरंट के बाद पाकिस्तान को आधिकारिक तौर पर हाफिज़ का समन तामील के लिए भेजा जाएगा।
सूत्रों के अनुसार हाफिज़ के पास पाकिस्तान सरकार का संरक्षण होने के कारण समन तामील होने की संभावना बहुत कम है, लेकिन भारत अपनी कानूनी प्रक्रिया पूरी कर यह बात रिकॉर्ड पर रखना चाहता है कि कानून के तहत उसे अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया गया। यह समन भेजने के बाद हाफिज़ को कानूनी तौर पर भगोड़ा घोषित करने का रास्ता साफ होगा। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के तहत ऐसे आरोपी की गैर-मौजूदगी में भी मुकदमा चलाकर सज़ा सुनाई जा सकती है।
हाफिज़ भारत में मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों में से एक है। भारत के खिलाफ कई आतंकी साजिशों के पीछे हाफिज़ की भूमिका रही है। देश में कई आतंकी हमलों के पीछे हाफिज़ मास्टरमाइंड रह चुका है।
मुंबई में 26/11 आतंकी हमले (Mumbai Terrorist Attack) के मामले में भी केंद्र सरकार महाराष्ट्र सरकार के आग्रह पर हाफिज, जकिउर्रहमान लखवी और चार अन्य आरोपियों के खिलाफ समन तामील करवाने के लिए इंटरपोल की मदद लेने की तैयारी में है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भारत में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ने और हाफिज़ के साथियों के पाकिस्तान में एक-एक कर मारे जाने के बाद वहाँ उसकी सुरक्षा बढ़ा दीगई है। आतंकी संगठन के जो लोग उससे मिलने पहुंचते हैं, उन्हें भी कड़ी सुरक्षा जांच और स्क्रीनिंग से गुज़रना पड़ रहा है। पाकिस्तान खुफिया एजेंसी ने उसकी आवाजाही भी सीमित कर दी है।
Updated on:
23 Aug 2026 03:18 am
Published on:
23 Aug 2026 03:18 am
