
बलूचिस्तान में ड्रोन हमला(AI Image-ChatGpt)
Balochistan Drone Attack: पाकिस्तान के बलूचिस्तान में एक बार फिर ड्रोन हमले में चार नागरिकों की मौत हो गई और तीन लोग घायल बताए जा रहे हैं। आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार यह हमला मस्तुंग जिले के खडकूचा इलाके में शुक्रवार को एक बाग में हुआ। बलूच यकजेहती कमेटी (BYC) ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे ‘राजकीय आतंकवाद’ करार दिया है। स्थानीय मीडिया ने सूत्रों के हवाले से बताया कि ड्रोन से बाग को निशाना बनाया गया, जहां कुछ मजदूर काम कर रहे थे। हमले में चार मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए।
बलूच यकजेहती कमेटी ने नागरिकों को ड्रोन हमले में निशाना बनाए जाने को बलूच लोगों के खिलाफ कथित दमन की गंभीर वृद्धि बताया। संगठन का आरोप है कि मेहनत-मजदूरी करने वाले लोगों को निशाना बनाना बलूचिस्तान में आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। BYC ने दावा किया कि लड़ाकू विमानों, ड्रोन और अन्य सैन्य संसाधनों का इस्तेमाल आम नागरिकों के खिलाफ किया जा रहा है। संगठन ने आरोप लगाया कि बलूचिस्तान में लोगों को उनकी बलूच पहचान के आधार पर निशाना बनाया जा रहा है।
BYC ने कहा कि इस हमले में चार लोगों की जान जाने के साथ उनके परिवारों ने अपने कमाने वाले सदस्य और भविष्य की उम्मीद खो दी है। संगठन ने बलूच लोगों से सामूहिक रूप से विरोध करने की अपील भी की।
BYC का यह बयान ऐसे समय आया है जब कुछ दिन पहले बलूचिस्तान के सुराब जिले के गिदार इलाके में पाकिस्तानी वायुसेना की कथित बमबारी को लेकर भी विवाद हुआ था। स्थानीय रिपोर्टों और बलूच संगठनों के दावों के मुताबिक, रिहायशी इलाकों में हुई कथित बमबारी में 30 से ज्यादा नागरिकों की मौत हुई थी। मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल होने का दावा किया गया है। कई अन्य लोगों के घायल होने की भी बात कही गई थी।
सुराब में कथित एयरस्ट्राइक के विरोध में बलूच नेशनल मूवमेंट (BNM) ने गुरुवार को नीदरलैंड्स में प्रदर्शन और रैली का आयोजन किया। प्रदर्शनकारियों ने सुराब की घटना को गंभीर मानवीय त्रासदी बताया और बलूचिस्तान में नागरिकों की स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चुप्पी पर सवाल उठाए। BNM ने दावा किया कि प्रांत में मानवाधिकारों की स्थिति तेजी से खराब हो रही है। प्रदर्शन में महिलाओं और बच्चों समेत नागरिकों की मौत पर चिंता जताते हुए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से तत्काल कार्रवाई की मांग की गई।
BNM ने संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से सुराब की घटना की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच कराने की अपील की। संगठन ने कहा कि जांच के जरिए घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जाना चाहिए और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने नीदरलैंड्स के नागरिक समाज, राजनीतिक नेताओं और यूरोपीय देशों से भी बलूचिस्तान में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों पर ध्यान देने और प्रभावित परिवारों के पक्ष में आवाज उठाने की अपील की।
Updated on:
22 Aug 2026 10:02 pm
Published on:
22 Aug 2026 10:01 pm
