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बांग्लादेश पर गहराया संकट, आईएमएफ ने और कर्ज देने से क्यों किया इनकार? किस शर्त पर अटकी बात?

Bangladesh Economy: बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था दबाव में है। IMF ने कर्ज जारी करने से इनकार किया है। उसने कहा है कि बैंकिंग सुधार, जलवायु नीति और सब्सिडी हटाने जैसी शर्तें पूरी करने पर ही फंड मिलेगा।
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भारत

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Mukul Kumar

Aug 22, 2026

Bangladesh PM Tarique Rahman

बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान। (Photo - IANS)

बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने बाकी कर्ज जारी करने से साफ इनकार कर दिया है। आईएमएफ का कहना है कि ढाका को वित्तीय क्षेत्र और जलवायु संबंधी सुधार पूरे करने होंगे, तभी पैसा मिलेगा। बांग्लादेश सरकार अतिरिक्त 2 अरब डॉलर बजट सहायता भी मांग रही है, लेकिन शर्तें पूरी नहीं होने से पूरा कार्यक्रम अटका हुआ है।

आईएमएफ की सख्त शर्तें

आईएमएफ ने करीब एक दर्जन शर्तें रखी हैं। इनमें बैंकिंग सेक्टर में सुधार, कानूनी बदलाव, राष्ट्रीय राजस्व बोर्ड (एनबीआर) की क्षमता बढ़ाना और करदाताओं की जानकारी एक क्लिक में उपलब्ध कराना शामिल है।

ईंधन और बिजली पर सब्सिडी हटाने, बाजार आधारित विदेशी मुद्रा दर लागू करने और जलवायु सहनशीलता बढ़ाने की भी मांग की गई है। ये शर्तें पुराने 4.7 अरब डॉलर के कार्यक्रम की बाकी किश्तों और नए लोन के लिए जरूरी हैं।

आगे भी लोन लेने में होगी समस्या

आईएमएफ के राजकोषीय मामलों के विभाग का प्रतिनिधिमंडल हाल ही में ढाका आया था। उन्होंने कर नीतियों और प्रमुख क्षेत्रों की प्रगति जांची। जुलाई में तकनीकी सहायता मिशन ने जलवायु परिवर्तन से निपटने की नीतियों, वित्तीय ढांचे और संस्थागत क्षमताओं का मूल्यांकन किया। इन रिपोर्टों का भविष्य के लोन पर बड़ा असर पड़ेगा।

जलवायु और बजट पर ध्यान

हालांकि, बांग्लादेश सरकार ने कुछ कदम उठाए हैं। नई ‘सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन सुधार रणनीति 2025-2030’ में पहली बार जलवायु-स्मार्ट सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन और जेंडर-रेस्पॉन्सिव बजट को जगह दी गई।

वित्त वर्ष 2026 के बजट में 25 मंत्रालयों के लिए जलवायु संबंधी खर्च पर करीब 42,206.89 करोड़ टका आवंटित किए गए हैं। यह कुल आवंटन का 10.09 प्रतिशत है।

फिर भी आईएमएफ अधूरे सुधारों को प्राथमिकता दे रहा है। पुराने कार्यक्रम की अधूरी गतिविधियां नए कार्यक्रम में भी आगे हैं। प्रतिनिधिमंडल की यात्रा सिर्फ जलवायु नीतियों तक सीमित नहीं रही। आर्थिक सुधारों की दिशा तय करने में भी इसकी भूमिका रही।

क्या है सरकार की उम्मीद?

वित्त सचिव डॉ एमडी खैरुज्जमान मजूमदार ने कहा कि बांग्लादेश की मुश्किलों को ध्यान में रखते हुए आईएमएफ शत-प्रतिशत शर्तें पूरा करने की बजाय लचीला रुख अपनाए। चुनौतियों के बावजूद वे उम्मीद कर रहे हैं कि कर्ज जल्द जारी हो जाएगा।

पहले से दबाव में बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था

बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पहले से दबाव में है। सब्सिडी हटाने और मुद्रा दर में बदलाव से आम लोगों पर असर पड़ सकता है। बैंकिंग सुधार और कर व्यवस्था मजबूत करना लंबे समय के लिए जरूरी है, लेकिन तत्काल राहत के लिए कर्ज की जरूरत है। आईएमएफ की शर्तें पूरी होने तक बाकी फंड रुकने की संभावना बनी हुई है।