
कनाडा से क्यूबेक प्रांत के अलग होने की उम्मीद कम, photo credit: AI
Quebec Separatism: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए भारी टैरिफ और व्यापार तनाव के कारण कनाडा के क्यूबेक प्रांत में कनाडा से अलग होने की मांग और जनमत संग्रह की उम्मीदें कम हो गई हैं। Parti Québécois के नेता पॉल सेंट-पियेर प्लामंडोन ने स्पष्ट किया है कि ट्रंप के कार्यकाल के दौरान कोई स्वतंत्रता जनमत संग्रह नहीं कराया जाएगा।
क्यूबेक में अलगाववादी रुझान में कमी का मुख्य कारण आर्थिक अनिश्चितता बताया जा रहा है। अमेरिकी टैरिफ के कारण क्यूबेक के उद्योगों और व्यापार को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है, जिससे स्थिरता की मांग बढ़ी है। ऐसे में लोग फिलहाल कनाडा के साथ रहना अधिक सुरक्षित मान रहे हैं।
अमेरिका के कड़े रुख और बयानों ने क्यूबेक में भी कनाडाई देशभक्ति को बढ़ावा दिया है, जिससे लोग कनाडा के साथ रहना अधिक सुरक्षित मान रहे हैं। क्यूबेक की संप्रभुता के पक्ष में समर्थन गिरकर लगभग 30% पर आ गया है, जो दशकों में सबसे कम स्तर है।
कनाडा को 51वां राज्य बनाने की ट्रंप की धमकियों और उनकी टैरिफ पॉलिसी के असर से क्यूबेक में कनाडाई देशभक्ति की लहर है। क्यूबेक एक ऐसा प्रांत है, जो अक्सर अलग होने की मांग करता रहा है और इस मुद्दे पर वहां पहले दो बार जनमत संग्रह भी हो चुके हैं।
कनाडा का एकमात्र ऐसा प्रांत, जहां ज्यादातर लोग फ्रेंच बोलते हैं, क्यूबेक में अलगाववादी आंदोलन लंबे समय से चल रहा है। इस आंदोलन का तर्क है कि अपनी अलग संस्कृति और भाषा की रक्षा के लिए कनाडा से आजादी ही सबसे अच्छा रास्ता है।
क्यूबेक में 5 अक्टूबर तक प्रांतीय चुनाव होने हैं। हालांकि, पहले जब भी प्रांत में आर्थिक मंदी आई है, तो अलगाववादी भावनाएं बढ़ी हैं, लेकिन सर्वे बताते हैं कि इस बार एक आजाद क्यूबेक के लिए समर्थन दशकों के सबसे निचले स्तर यानी लगभग 30% पर है। इलाके के दूसरे लोगों का कहना है कि ट्रंप से कनाडा को जो खतरा है, उसे देखते हुए क्यूबेक की अनोखी फ्रेंच संस्कृति को बचाने का फिलहाल सबसे अच्छा तरीका कनाडा के साथ बने रहना ही है।
Updated on:
22 Aug 2026 04:36 pm
Published on:
22 Aug 2026 04:35 pm
