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UP में तूफानी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट, बंगाल की खाड़ी के अवदाब से बदलेगा मौसम

UP Weather Alert: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में देर रात तेज हवाओं के साथ बारिश से मौसम बदला। बंगाल की खाड़ी में बने अवदाब के चलते मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है।
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लखनऊ

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Ritesh Singh

Aug 17, 2026

तेज हवाओं के साथ बारिश के बाद बदला मौसम का मिजाज, सड़कों पर दिखा बारिश का असर (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)

तेज हवाओं के साथ बारिश के बाद बदला मौसम का मिजाज, सड़कों पर दिखा बारिश का असर (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)

UP Heavy Rain Alert: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सोमवार देर रात से मौसम ने अचानक करवट ली। कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली, लेकिन तेज हवा और भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित होने की आशंका भी बढ़ गई है। मौसम में आए इस बदलाव के बीच मौसम विभाग ने परिस्थितियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है। बंगाल की खाड़ी में बने अवदाब के कारण उत्तर भारत के मौसम पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। कई जिलों में आसमान बादलों से घिरा रहा और देर रात से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहा।

मौसम विभाग के अनुसार 17 अगस्त 2026 को सुबह 5:30 बजे IST के आधार पर तटीय पश्चिम बंगाल एवं उससे सटे बांग्लादेश तथा उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर अवदाब बना हुआ है। इसके प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में मौसम की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। उत्तर प्रदेश में भी अगले कुछ घंटों के दौरान कई स्थानों पर बारिश और तेज हवाओं की स्थिति देखने को मिल सकती है।

बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ सिस्टम

मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले दिन उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी तथा उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तटों के ऊपर स्थित सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र लगभग उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा। इसके बाद यह और सघन होकर अवदाब में परिवर्तित हो गया। सोमवार सुबह 5:30 बजे IST पर यह अवदाब तटीय पश्चिम बंगाल, उससे सटे बांग्लादेश और उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित रहा।

मौसम प्रणाली का केंद्र अक्षांश 22.5 डिग्री उत्तर और देशांतर 88.3 डिग्री पूर्व के निकट बताया गया है। मौसम विभाग के अनुसार यह क्षेत्र कोलकाता के आसपास केंद्रित रहा। सिस्टम की स्थिति सतखीरा, बांकेड़ा और बालेश्वर के सापेक्ष भी दर्ज की गई है। इसके लगातार उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है।

अगले 24 घंटे महत्वपूर्ण

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, यह अवदाब अगले 24 घंटों के दौरान गंगीय पश्चिम बंगाल के ऊपर से होते हुए झारखंड की ओर उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ सकता है। सिस्टम के आगे बढ़ने के साथ इसके प्रभाव वाले क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। लखनऊ मौसम विभाग ने जारी अलर्ट में बताया कि अगले तीन घंटों के दौरान उत्तर प्रदेश के कई जनपदों और आसपास के क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में मेघ गर्जन, आकाशीय बिजली और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अचानक तेज हवाएं चलने के साथ मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी हो सकती है।

ऑरेंज अलर्ट वाले जनपदों में सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, प्रयागराज, संत रविदास नगर, वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, प्रतापगढ़, चित्रकूट, बांदा, कौशांबी, फतेहपुर, रायबरेली, अमेठी, कानपुर नगर, आजमगढ़, सुल्तानपुर, अंबेडकर नगर, अयोध्या, कानपुर देहात, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, कन्नौज, हरदोई, फर्रुखाबाद, सीतापुर, बहराइच, गोंडा, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, बरेली, पीलीभीत, रामपुर, बदायूं, संभल और मुरादाबाद शामिल हैं।

लखनऊ मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी सक्रिय मौसम प्रणाली के प्रभाव में स्थानीय परिस्थितियों के कारण बारिश की तीव्रता और हवा की गति में बदलाव हो सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम संबंधी आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जाती है। विशेष रूप से खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर ढांचों के आसपास सावधानी बरतना जरूरी है।

यूपी में देर रात बदला मौसम

उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में सोमवार देर रात मौसम का मिजाज अचानक बदला। कई इलाकों में तेज हवाएं चलने लगीं और इसके बाद बारिश का दौर शुरू हुआ। कुछ क्षेत्रों में बारिश के साथ हवा की गति तेज रही, जिससे सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हुई। लंबे समय से उमस और गर्मी झेल रहे लोगों को बारिश से राहत जरूर मिली, लेकिन तेज हवाओं ने परेशानी भी बढ़ाई।

राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में मौसम को लेकर लोगों की नजर आसमान पर बनी रही। पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में भी बादलों की आवाजाही और बारिश की गतिविधियों का असर दिखाई दे सकता है। मौसम प्रणाली की दिशा और स्थिति को देखते हुए आने वाले घंटों में मौसम में और बदलाव की संभावना बनी हुई है।

तेज हवाओं के साथ बारिश ने बढ़ाई चुनौती

बारिश के साथ तेज हवाएं चलने पर बिजली आपूर्ति, यातायात और स्थानीय जनजीवन प्रभावित हो सकता है। ग्रामीण इलाकों में खेतों में खड़ी फसलों पर भी मौसम का असर पड़ने की आशंका रहती है। शहरी क्षेत्रों में तेज बारिश होने पर निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। सड़क किनारे लगे होर्डिंग, अस्थायी ढांचे और कमजोर पेड़ों को लेकर भी सावधानी बरतना जरूरी है।

प्रशासन की ओर से भी मौसम की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। लोगों से अपील है कि तेज हवा या आंधी के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और खुले स्थानों पर जाने से बचें। बारिश के दौरान बिजली के खंभों, तारों और पेड़ों से पर्याप्त दूरी बनाए रखना भी जरूरी है।

तापमान में गिरावट से मिल सकती है राहत

बारिश और बादलों के कारण कई इलाकों में तापमान में कुछ गिरावट आने की संभावना है। इससे उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिल सकती है। हालांकि बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ने के कारण कुछ क्षेत्रों में दोबारा उमस महसूस हो सकती है।

मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के बीच किसानों के लिए भी मौसम की जानकारी महत्वपूर्ण हो गई है। खेतों में कृषि कार्य और फसलों की सुरक्षा के लिए स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखना जरूरी है। विशेषकर तेज हवा और लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था पर ध्यान देना होगा।

सिस्टम की दिशा पर मौसम विभाग की नजर

मौसम विभाग लगातार इस अवदाब की स्थिति और उसकी दिशा पर नजर रख रहा है। वर्तमान स्थिति के अनुसार इसके अगले 24 घंटों में गंगीय पश्चिम बंगाल से होते हुए झारखंड की ओर बढ़ने की संभावना जताई गई है। सिस्टम के आगे बढ़ने के साथ इसके प्रभाव वाले क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियों में बदलाव हो सकता है।

उत्तर प्रदेश में मौसम पर इसका कितना प्रभाव पड़ेगा, यह सिस्टम की आगे की दिशा, गति और तीव्रता पर निर्भर करेगा। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी को गंभीरता से लेने की जरूरत है।

सावधानी ही सबसे जरूरी

तेज हवा और बारिश के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी जाती है। बिजली चमकने या आंधी आने की स्थिति में खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। वाहन चालकों को भी बारिश के दौरान गति नियंत्रित रखने और सड़क पर पर्याप्त सावधानी बरतने की जरूरत है।