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Tehsildar Promotion 2026: लंबे इंतजार के बाद 332 नायब तहसीलदार बने तहसीलदार, शासन ने पदोन्नति सूची जारी

UP DPC Cleared: उत्तर प्रदेश में नायब तहसीलदारों की विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक पूरी होने के बाद 332 अधिकारियों को तहसीलदार पद पर पदोन्नति मिली। शासन ने सूची जारी कर दी।
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लखनऊ

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Ritesh Singh

Aug 14, 2026

डीपीसी पूरी, तहसीलदार पद पर पदोन्नति सूची जारी (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)

डीपीसी पूरी, तहसीलदार पद पर पदोन्नति सूची जारी (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)

332 Naib Tehsildars Promoted to Tehsildar Posts: उत्तर प्रदेश के राजस्व विभाग में लंबे समय से प्रतीक्षित विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की प्रक्रिया आखिरकार पूरी हो गई। शासन स्तर पर संपन्न हुई डीपीसी के बाद प्रदेश के 332 नायब तहसीलदारों को तहसीलदार पद पर पदोन्नति प्रदान की गई है। पदोन्नति सूची जारी होने के साथ ही राजस्व विभाग के अधिकारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। वर्षों से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे अधिकारियों को अब नई जिम्मेदारियां मिलने का रास्ता साफ हो गया है। माना जा रहा है कि जल्द ही इन अधिकारियों की नई तैनाती के आदेश भी जारी किए जाएंगे, जिससे तहसीलों में प्रशासनिक व्यवस्था और मजबूत होगी।

लंबे इंतजार के बाद पूरी हुई पदोन्नति प्रक्रिया

राजस्व विभाग में नायब तहसीलदार से तहसीलदार पद पर पदोन्नति लंबे समय से लंबित थी। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारी संगठनों की ओर से समय-समय पर पदोन्नति प्रक्रिया पूरी करने की मांग उठाई जाती रही थी। शासन स्तर पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें पात्र अधिकारियों के सेवा अभिलेख, वरिष्ठता, गोपनीय आख्या और अन्य निर्धारित मानकों का परीक्षण किया गया। इसके बाद 332 अधिकारियों को पदोन्नति के लिए पात्र पाया गया।

332 अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी

डीपीसी के निर्णय के बाद जारी सूची में प्रदेश के विभिन्न जनपदों में कार्यरत 332 नायब तहसीलदारों को तहसीलदार पद पर पदोन्नत किया गया है। पदोन्नति मिलने के बाद अब ये अधिकारी तहसीलों में राजस्व प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालेंगे। तहसीलदार के रूप में उन्हें भूमि अभिलेखों के रखरखाव, राजस्व वसूली, नामांतरण, विवादों के निस्तारण, कानून-व्यवस्था से जुड़े प्रशासनिक कार्यों तथा शासन की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रमुख भूमिका निभानी होगी।

राजस्व प्रशासन को मिलेगा नया बल

विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी संख्या में तहसीलदारों की पदोन्नति से प्रदेश की राजस्व व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। कई तहसीलों में लंबे समय से नियमित तहसीलदारों की कमी महसूस की जा रही थी, जिसके कारण अतिरिक्त प्रभार के सहारे प्रशासनिक कार्य संचालित हो रहे थे। अब नए पदोन्नत अधिकारियों की नियुक्ति से कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। इससे आम नागरिकों के राजस्व संबंधी मामलों का निस्तारण भी पहले की तुलना में अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा।

पारदर्शी प्रक्रिया के बाद जारी हुई सूची

शासन के अधिकारियों के अनुसार पदोन्नति प्रक्रिया पूरी तरह निर्धारित नियमों और सेवा प्रावधानों के अनुरूप संपन्न की गई। विभागीय पदोन्नति समिति ने प्रत्येक अधिकारी के सेवा रिकॉर्ड का गहन परीक्षण किया। वरिष्ठता, सेवा अवधि, वार्षिक गोपनीय प्रविष्टियां और अन्य पात्रता मानकों के आधार पर अंतिम सूची तैयार की गई। इसके बाद सक्षम स्तर से स्वीकृति मिलने पर पदोन्नति आदेश जारी किए गए।

नई तैनाती का जल्द होगा इंतजार खत्म

पदोन्नति सूची जारी होने के बाद अब सबसे अधिक चर्चा अधिकारियों की नई तैनाती को लेकर है। राजस्व विभाग के सूत्रों के अनुसार शासन जल्द ही स्थानांतरण एवं पदस्थापना की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। जिन जिलों और तहसीलों में तहसीलदारों के पद रिक्त हैं, वहां नवपदोन्नत अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। इससे प्रशासनिक कार्यों में निरंतरता बनी रहेगी और जनता को भी समय पर सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

राजस्व व्यवस्था में तहसीलदार की अहम भूमिका

तहसीलदार किसी भी जिले की राजस्व व्यवस्था का महत्वपूर्ण अधिकारी होता है। भूमि संबंधी विवादों का समाधान, नामांतरण, उत्तराधिकार, भू-अभिलेखों का रखरखाव, सरकारी भूमि की सुरक्षा, राजस्व वसूली तथा विभिन्न प्रशासनिक दायित्व तहसीलदार के अधीन आते हैं। इसके अलावा चुनाव, आपदा प्रबंधन और कानून-व्यवस्था से जुड़े कई कार्यों में भी तहसीलदार की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। ऐसे में बड़ी संख्या में नए तहसीलदार मिलने से प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होने की उम्मीद जताई जा रही है।

अधिकारियों में खुशी, विभाग को नई ऊर्जा

पदोन्नति सूची जारी होने के बाद प्रदेशभर के नायब तहसीलदारों में उत्साह का माहौल है। कई अधिकारी वर्षों से इस अवसर की प्रतीक्षा कर रहे थे। पदोन्नति मिलने के बाद अब उन्हें उच्च प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाने का अवसर मिलेगा। कर्मचारी संगठनों ने भी डीपीसी पूरी होने का स्वागत करते हुए शासन के निर्णय को सकारात्मक कदम बताया है। उनका कहना है कि समय पर पदोन्नति से अधिकारियों का मनोबल बढ़ता है और विभागीय कार्यकुशलता में भी सुधार आता है।

जनता को भी मिलेगा सीधा लाभ

राजस्व मामलों में लोगों को अक्सर लंबित प्रकरणों और अधिकारियों की कमी के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है। अब 332 नए तहसीलदारों की नियुक्ति से नामांतरण, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्रों से जुड़े मामलों, भू-अभिलेख सुधार, राजस्व न्यायालयों के लंबित प्रकरणों और अन्य प्रशासनिक कार्यों में तेजी आने की संभावना है। इससे आम नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं मिलने में मदद मिलेगी।

शासन की प्राथमिकता में प्रशासनिक मजबूती

उत्तर प्रदेश सरकार लगातार प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रही है। विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरने, पदोन्नति प्रक्रियाओं को समयबद्ध पूरा करने और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में राजस्व विभाग की डीपीसी का पूरा होना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले दिनों में नवपदोन्नत अधिकारियों की तैनाती के बाद तहसीलों की कार्यप्रणाली में और अधिक गति आने की उम्मीद है।

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