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Lucknow Charbagh Station: चारबाग स्टेशन पर टिन शेड गिरा, टीटीई समेत तीन घायल, बड़ा रेल हादसा टला

Lucknow Charbagh Station Accident: लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर-5 का टिन शेड गिरने से टीटीई समेत तीन लोग गंभीर घायल हो गए। समय रहते हावड़ा-देहरादून एक्सप्रेस रोक कर बड़ा हादसा टाल दिया गया।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

May 29, 2026

Lucknow charbagh station

टीटीई समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल, समय रहते रोकी गई हावड़ा-देहरादून एक्सप्रेस (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

Lucknow Charbagh Railway Station Platform 5 Accident: राजधानी लखनऊ के व्यस्ततम चारबाग रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार देर रात बड़ा हादसा होते-होते टल गया। प्लेटफार्म नंबर-5 पर लगा भारी टिन शेड अचानक भरभराकर गिर पड़ा, जिससे स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में टीटीई समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के समय प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की आवाजाही जारी थी और इसी बीच टिन शेड गिरने की तेज आवाज से पूरे स्टेशन परिसर में दहशत फैल गई।

घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF), स्टेशन प्रशासन और राहत टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। घायलों को मलबे से निकालकर तत्काल अस्पताल भेजा गया। वहीं प्लेटफॉर्म पर पहुंच रही हावड़ा-देहरादून एक्सप्रेस को समय रहते रोक लिया गया, जिससे एक बड़ा रेल हादसा टल गया।

अचानक गिरी लोहे और टिन की भारी संरचना

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रात के समय प्लेटफार्म नंबर-5 पर सामान्य गतिविधियां चल रही थीं। यात्री अपनी ट्रेनों का इंतजार कर रहे थे और रेलवे कर्मचारी भी ड्यूटी पर मौजूद थे। तभी अचानक प्लेटफॉर्म के ऊपर लगा विशाल टिन शेड तेज आवाज के साथ नीचे आ गिरा।

शेड गिरते ही प्लेटफॉर्म पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। हादसे में सबसे ज्यादा चोट टीटीई भूपेंद्र को लगी, जो शेड के नीचे दब गए। उनके पैर में गंभीर फ्रैक्चर बताया जा रहा है। इसके अलावा यात्री अभिषेक और साहिल भी हादसे की चपेट में आ गए। साहिल की जांघ दबने के कारण उन्हें गंभीर चोट आई है और उनका इलाज अस्पताल में जारी है।

स्टेशन पर मची अफरा-तफरी

टिन शेड गिरने की घटना के बाद चारबाग स्टेशन पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों में डर और घबराहट फैल गई। कई लोग घटना को देखकर स्तब्ध रह गए।कुछ यात्रियों ने तुरंत पुलिस और रेलवे अधिकारियों को सूचना दी। मौके पर मौजूद रेलवे कर्मचारियों ने भी तुरंत राहत कार्य शुरू किया। घटना के बाद स्टेशन प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर प्लेटफॉर्म के आसपास लोगों की आवाजाही सीमित कर दी। रेलवे अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए।

समय रहते रोकी गई हावड़ा-देहरादून एक्सप्रेस

इस हादसे के दौरान सबसे राहत की बात यह रही कि प्लेटफार्म नंबर-5 पर पहुंच रही हावड़ा-देहरादून एक्सप्रेस को समय रहते रोक लिया गया। यदि ट्रेन प्लेटफॉर्म पर प्रवेश कर जाती तो हादसा और भी भयावह हो सकता था। रेलवे कंट्रोल रूम को जैसे ही टिन शेड गिरने की सूचना मिली, तुरंत सिग्नल रोका गया और ट्रेन को सुरक्षित दूरी पर रोक दिया गया। रेलवे अधिकारियों की तत्परता के कारण संभावित बड़ा हादसा टल गया। यात्रियों ने भी राहत की सांस ली कि समय रहते ट्रेन को रोक लिया गया, वरना स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी।

आरपीएफ और राहत टीम ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। जवानों ने स्थानीय कर्मचारियों के साथ मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए राहत टीम ने काफी मशक्कत की। घायल लोगों को तुरंत स्ट्रेचर के जरिए बाहर निकाला गया और एम्बुलेंस से अस्पताल भेजा गया। रेलवे प्रशासन ने राहत कार्य तेज करने के लिए मौके पर क्रेन भी मंगवाई। भारी टिन शेड और लोहे की संरचना को हटाने का काम देर रात तक चलता रहा।

अजंता अस्पताल में चल रहा इलाज

हादसे में घायल टीटीई भूपेंद्र, अभिषेक और साहिल को तत्काल इलाज के लिए अजंता अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। सूत्रों के अनुसार टीटीई भूपेंद्र के पैर में गंभीर फ्रैक्चर हुआ है, जबकि साहिल की जांघ में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों का कहना है कि फिलहाल सभी घायलों की हालत स्थिर बनी हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही घायल लोगों के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल में देर रात तक लोगों की भीड़ लगी रही।

हादसे के कारणों की जांच शुरू

रेलवे प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती आशंका जताई जा रही है कि तेज आंधी और खराब मौसम के कारण टिन शेड कमजोर होकर गिर पड़ा। हालांकि अधिकारी तकनीकी जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचने की बात कह रहे हैं। रेलवे इंजीनियरिंग विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शेड की स्थिति की जांच शुरू कर दी। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

यात्रियों में सुरक्षा को लेकर चिंता

चारबाग रेलवे स्टेशन प्रदेश के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में गिना जाता है। यहां रोजाना हजारों यात्री आते-जाते हैं। ऐसे में प्लेटफॉर्म पर टिन शेड गिरने की घटना ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। यात्रियों का कहना है कि स्टेशन पर पुराने ढांचों की समय-समय पर जांच होनी चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। हालांकि रेलवे अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि पूरे स्टेशन परिसर की सुरक्षा जांच कराई जाएगी और जहां भी कमजोर संरचनाएं होंगी, उन्हें तुरंत दुरुस्त किया जाएगा।

बड़ा हादसा टलने से राहत

इस पूरी घटना में सबसे बड़ी राहत यह रही कि समय रहते ट्रेन को रोक लिया गया और बड़ा रेल हादसा टल गया। यदि हादसे के दौरान ट्रेन प्लेटफॉर्म पर पहुंच जाती तो स्थिति और भयावह हो सकती थी। फिलहाल रेलवे प्रशासन राहत और मरम्मत कार्य में जुटा हुआ है। वहीं घटना के बाद स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।