
CM Yogi: मऊ, लखनऊ, चित्रकूट समेत कई जिलों में भारी तबाही, मृतकों के परिजनों को 24 घंटे में मुआवजा देने का निर्देश (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)
CM Yogi Relief Operation Natural Disaster UP: उत्तर प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान मौसम ने ऐसा विकराल रूप दिखाया कि कई जिलों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। तेज आंधी, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं ने प्रदेशभर में भारी तबाही मचाई है। मऊ, लखनऊ, चित्रकूट समेत कई जिलों में जान-माल का बड़ा नुकसान हुआ है। कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए, मकानों की छतें उड़ गईं और खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं। वहीं आकाशीय बिजली की चपेट में आने से कई लोगों की मौत और दर्जनों के घायल होने की खबरें सामने आई हैं।
प्रदेश में आई इस प्राकृतिक आपदा पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने हालात की गंभीरता को देखते हुए सभी जिलाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को तत्काल राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रभावित लोगों तक तुरंत सहायता पहुंचाई जाए।
भीषण आंधी और तेज बारिश के कारण उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हालात बेहद खराब हो गए। राजधानी लखनऊ में देर रात तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी। कई इलाकों में पेड़ गिरने से सड़कें बंद हो गईं और बिजली आपूर्ति घंटों बाधित रही।
मऊ जिले में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं ने सबसे अधिक दहशत पैदा की। ग्रामीण इलाकों में खेतों में काम कर रहे कई लोग इसकी चपेट में आ गए। चित्रकूट में भी तेज तूफान के चलते कई कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो गए। कई गांवों में टिन शेड और छप्पर उड़ गए, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदेश के अन्य जिलों में भी भारी बारिश और तूफान के कारण सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। प्रशासनिक टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
प्राकृतिक आपदा से हुई मौतों और नुकसान पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है और सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मृतकों के परिजनों को अनुमन्य राहत राशि हर हाल में अगले 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा कि किसी भी पीड़ित परिवार को सहायता के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। प्रशासन को पूरी संवेदनशीलता और तेजी के साथ कार्य करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी घायल को इलाज में परेशानी न हो।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। सभी जिलों में राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिए गए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और बिजली विभाग की टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में काम कर रही हैं। जहां पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से रास्ते बंद हो गए थे, वहां जेसीबी मशीनों और कर्मचारियों की मदद से रास्ते साफ किए जा रहे हैं। कई जिलों में बिजली आपूर्ति बहाल करने का काम पूरी रात चलता रहा। ग्रामीण इलाकों में प्रशासनिक अधिकारी खुद मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा ले रहे हैं। प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
इस बेमौसम बारिश और तेज आंधी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी फसलें तेज हवा और ओलावृष्टि से बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। कई किसानों ने बताया कि गेहूं और दलहन की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि फसलों को हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कराया जाए और किसानों को शासन की नीति के अनुसार सहायता उपलब्ध कराई जाए। राजस्व विभाग की टीमें नुकसान का आकलन करने में जुट गई हैं। किसानों का कहना है कि पहले ही मौसम की मार और बढ़ती लागत से परेशान थे, अब इस आपदा ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
प्रदेश में कई जगह आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और खेतों में रहना बेहद खतरनाक हो सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि गरज-चमक के दौरान घरों में सुरक्षित रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों। ग्रामीण क्षेत्रों में लाउडस्पीकर के माध्यम से भी लोगों को सतर्क किया जा रहा है।मौसम विभाग ने आने वाले घंटों में भी कुछ जिलों में खराब मौसम की संभावना जताई है, जिससे प्रशासन की चिंता बनी हुई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरी आपदा को लेकर जहां संवेदनशीलता दिखाई है, वहीं अधिकारियों को सख्त निर्देश देकर स्पष्ट कर दिया है कि राहत कार्यों में किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी फील्ड में मौजूद रहें और प्रभावित लोगों तक हर जरूरी सहायता समय पर पहुंचे। मुख्यमंत्री लगातार हालात की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और वरिष्ठ अधिकारियों से रिपोर्ट ले रहे हैं।
प्रदेश सरकार और मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने को कहा गया है। मौसम विभाग का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में लोगों को जागरूक और सतर्क रहना बेहद जरूरी है। फिलहाल प्रशासन प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने में जुटा हुआ है और सरकार ने भरोसा दिलाया है कि किसी भी पीड़ित को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। प्रदेशभर में लोग अब मौसम के अगले रुख पर नजर बनाए हुए हैं और जल्द हालात सामान्य होने की उम्मीद कर रहे हैं।
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Updated on:
29 May 2026, 12:58 PM IST
Published on:
29 May 2026, 12:58 PM IST
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