भाजपा की विधायक साधना सिंह द्वारा बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती पर की गई अमर्यादित टिप्पणी का मामला गर्माता जा रहा है।
लखनऊ. भाजपा की विधायक साधना सिंह द्वारा बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती पर की गई अमर्यादित टिप्पणी का मामला गर्माता जा रहा है। विपक्ष ने तो इस पर भाजपा सरकार को घेरा ही है, सत्ता पक्ष के दिग्गजों ने भी विधायक की अभद्र टिप्पड़ी की घोर निंदा की है। वहीं लखनऊ में समाजवादी युवा संगठनों व बसपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन भी किया। कार्यकर्ताओं ने टिप्पणी करने पर विधायक साधना सिंह का पुतला फूंका और नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि टिप्पणी अशोभनीय है और संगठन इसकी निंदा करता है। इसके बाद कार्यकर्ता हनुमान सेतु के पास एकत्र हुए और साधना सिंह का पुलता फूंककर नारेबाजी की व विरोध प्रदर्शन किया।
साधाना ने जारी किया पत्र-
मामले की गंभीरता का भांपते हुए साधना सिंह ने एक पत्र जारी किया जिसमें उन्होंने अपने बयान पर खेद प्रकट किया है। उन्होंने कहा भाषण के दौरान मेरी मंशा किसी को अपमानित करने की नहीं थी। मेरा मंशा 1995 में भाजपा नेता द्वारा की गई मायावती की मदद के बारे में उन्हें याद दिलाना था। यदि मेरे शब्दों से किसी को कष्ट हुआ है तो मैं खेद प्रकट करती हूं।
अखिलेश यादव ने बयान को बताया महिलाओं का अपमान-
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया ट्विटर पर कहा है कि मुगलसराय से भाजपा विधायक ने जिस तरह मायावती के लिए अपशब्द इस्तेमाल किए हैं, वो घोर निंदनीय है। ये एक तरह से देश की महिलाओं का अपमान है। वहीं बीएसपी के सतीश मिश्रा ने भी महिला विधायक की टिप्पणी पर कहा है कि इस तरह के शब्द भाजपा के लेवल को प्रदर्शित करता है। सपा-बसपा के गठबंधन पर भाजपा अपना मानसिक संतुलन खो बैठी है। उन्हें आगरा-रायबरेली के मानसिक चिकित्सालय में भर्ती कराना चाहिए।