लखनऊ

यूपी बोर्ड के पाठ्यक्रम में बदलाव, 12वीं के छात्र नहीं पढ़ेंगे टैगोर-राधाकृष्णन की रचनाएं, 10वीं के सिलेबस में भी बदलाव

Changes in UP Board class 10th and 12th syllabus - यूपी बोर्ड (UP Board) के 10वीं और 12वीं के पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया है। 12वीं के छात्र इस सत्र में नोबल पुरस्कार विजेता साहित्यकार रविंद्रनाथ टैगोर और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एस. राधाकृष्णन की लिखी रचनाएं नहीं पढ़ेंगे।

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Jul 06, 2021
Changes in UP Board class 10th and 12th syllabus

लखनऊ. Changes in UP Board class 10th and 12th syllabus . यूपी बोर्ड (UP Board) के 10वीं और 12वीं के पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया है। 12वीं के छात्र इस सत्र में नोबल पुरस्कार विजेता साहित्यकार रविंद्रनाथ टैगोर और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एस. राधाकृष्णन की लिखी रचनाएं नहीं पढ़ेंगे। टैगोर की कहानी 'द होम कमिंग', डॉ. एस. राधाकृष्णन का निबंध आदि पाठ हटा दिए गए हैं। चैप्टर्स के साथ ही कुछ किताबें भी हटा दी गई हैं। बोर्ड ने इस साल से 10वीं और 12वीं अंग्रेजी में एनसीईआरटी का कोर्स लागू किया है। यूपी बोर्ड के 12वीं में व्याकरण को छोड़कर चार किताबें थीं लेकिन अब एनसीईआरटी का कोर्स लागू होने पर दो किताबें फ्लेमिंगो व विस्टास पढ़ाई जाएगी। वहीं, हाईस्कूल में पहले भी दो किताबें थीं, अब भी दो किताबें 'फर्स्ट फ्लाइट' तथा 'फुटप्रिंट्स विदाउट फीट' पढ़ाई जाएगी।

क्या नया पढ़ेंगे 12वीं के छात्र

12वीं के बच्चों को पोएट्री में कमला दास, पाब्लो नेरुदा और जॉन कीट्स की कविताएं पढ़ाई जाएंगी। विस्टास सप्लीमेंट्री में पर्ल एस. बक का 'द एनमी', तिशानी दोषी, जॉन अपडाइक तथा काल्की जैसे लेखकों के पाठ शामिल किए गए हैं। इसके अलावा फ्लेमिंगो में अनीस जंग की लास्ट स्प्रिंग, विलियम डगलस का डीप वाटर तथा लुइस फिशर का 'इंडिगो' जो 'द लाइफ ऑफ महात्मा गांधी' से लिया गया है, जैसे पाठ पढ़ाए जाएंगे।

10वीं में क्या नया पढ़ेंगे बच्चे

फर्स्ट फ्लाइट के प्रोज सेक्शन में अफ्रीका के राष्ट्रपति रहे नेल्सन मंडेला, एन. फ्रैंक तथा एंटन चेखोव को पढ़ाया जाएगा। पोएट्री सेक्शन में रॉबर्ट फ्रॉस्ट, वाट व्हिटमैन तथा विलियम बटलर येट्स कवियों को शामिल किया है। सप्लीमेंट्री बुक में रस्किन बॉन्ड, राबर्ट आर्थर, एचजी वेल्स तथा केए अब्बास की रचनाएं पढ़ाई जाएंगी।

इस सप्ताह रिजल्ट हो सकता है जारी

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा इसी सप्ताह कक्षा 10वीं और 12वीं का रिजल्ट जारी किया जा सकता है। कोविड-19 की दूसरी लहर को देखते हुए परीक्षाएं रद्द कर दी गई थीं। राज्य सरकार की ओर से तय किया गया था इस बार मेरिट लिस्ट नहीं जारी की जाएगी। इसलिए यूपी बोर्ड ने इस साल छात्रों का आकलन करने के लिए एक मूल्यांकन फार्मूला तैयार किया था। कक्षा 12वीं के छात्रों का मूल्यांकन उनके कक्षा 10वीं के बोर्ड और प्री बोर्ड परीक्षा रिजल्टों के साथ-साथ कक्षा 11वीं के रिजल्टों के आधार पर किया जाएगा। वहीं कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा को 50 फीसदी, 10वीं की प्री-बोर्ड को 10 फीसदी और 11वीं की परीक्षा को 40 फीसदी वेटेज दिया जाएगा। कक्षा 10वीं के अंकों की गणना के लिए कक्षा 9 और कक्षा 10वीं की प्री-बोर्ड परीक्षाओं पर विचार किया जाएगा।

यूपी बोर्ड के 56,04,628 छात्रों को रिजल्ट का इंतजार है। कक्षा 10वीं और 12वीं के लिए मूल्यांकन मानदंड तैयार करने के लिए यूपी सरकार ने अतिरिक्त मुख्य सचिव आराधना शुक्ला की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई थी। उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने पहले ही साफ कर दिया था कि यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं के रिजल्ट का फॉर्मूला सीबीएसई की मूल्यांकन नीति पर आधारित नहीं होगा। यूपी बोर्ड का पैटर्न सीबीएसई से अलग है। इसलिए इसके मानदंड भी अलग हैं। जैसे ही अंकों की गणना के फार्मूले को अंतिम रूप दिया जाएगा, यूपी बोर्ड रिजल्ट जारी करेगा। वहीं, यह भी कहा गया है कि जो छात्र अपने रिजल्ट से संतुष्ट नहीं होंगे, वह लिखित परीक्षा के लिए उपस्थित हो सकते हैं।

Published on:
06 Jul 2021 05:38 pm
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