
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना की सफलता के बाद अब एक-एक जिले के कई अन्य उत्पादों के निर्यात को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। इसकी योजना बनाई जा रही है। यूके की कंपनी इसका एक्शन प्लान तैयार करेगी। इसके जरिए पीएम मोदी के वोकल फॉर लोकल और लोकल को ग्लोबल के सपने को भी पूरा किया जाएगा। ओडीओपी (One District One Product) की योजना पहले की तरह चलती रहेगी, वहीं अब जिले के अन्य प्रोडक्ट के प्रोडक्शन को बढ़ावा दिया जाएगा जो देश-विदेश में अपनी छाप छोड़ेंगे। अपर मुख्य सचिव एमएसएमई डॉ.नवनीत सहगल (Navneet Sehgal) ने इस बारे में बताया कि अगले तीन वर्ष में एमएसएमई (MSME) से कुल निर्यात तीन लाख करोड़ रुपये पहुंचाने का लक्ष्य है, जिसकी दिशा में तेजी से काम चल रहा है। इस लक्ष्य में ओडीओपी के साथ अन्य उत्पाद भी शामिल होंगे। सीएम योगी का इस योजना पर खास फोकस है। प्रोडक्ट की ब्रांडिंग की नई योजना भी इसमें शामिल की गई है।
यूके की कंपनी बनाएगी एक्शन प्लान-
जिलों के वे कौन से दूसरे प्रोडक्ट होंगे जिनके निर्यात को प्रोत्साहित किया जाएगा, इसका एक्शन प्लान यूके की कंसल्टेंट कंपनी प्राइस वाटरहाउस कूपर तैयार करेगी। प्रोडक्ट के चयन सहित इनके एक्सपोर्ट की प्रक्रिया की तैयारी का जिम्मा इसी कंपनी पर होगा। संयुक्त आयुक्त निर्यात पवन अग्रवाल का कहना है कि सभी जिलों को एक्सपोर्ट हब बनाने के लिए निर्यात प्रोत्साहन केंद्र बनाए जा रहे हैं। हर केंद्र पर सहायक आयुक्त स्तर के अधिकारी, फियो, ई-बे और अमेजन जैसी ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी के प्रतिनिधि भी बैठेंगे। यह प्रतिनिधि उद्यमियों को निर्यात की संभावना व सुविधा के बारे में अवगत कराएंगे।
तीन माह में तैयार होगा एक्सपोर्ट प्लान-
प्राइस वाटरहाउस कूपर कंपनी सभी जिलों के लिए तीन माह में एक्सपोर्ट एक्शन प्लान बनाएंगी। कंपनी तय करेगी कि किस-किस जिले में ओडीओपी के अलावा कौन से ऐसे उत्पाद हैं जिनके निर्यात के बढ़ावा दिया जा सकता है। कहां किस आधारभूत सुविधा की जरूरत है। फिर केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ उन उत्पादों के निर्यात में भी दिलाया जाएगा।