लखनऊ

योगी सरकार की एक और बड़ी उपलब्धि, गोमती नदी के किनारे रखा जाएगा INS युद्धपोत गोमती, जानिए कब रवाना होगा मुंबई से लखनऊ

आईएनएस युद्धपोत की विशेषता यह है कि यह दुश्मन का जहाज देखते ही अपने डेक से एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल लॉन्च कर सकता है। युद्धपोत में माध्यम दूरी की सतह से हवा में वार करने वाली मिसाइलें, सतह से सतह पर वार करने वाली मिसाइलें लगी हैं।  
2 min read
• •
Updated: 14 May 2022, 8:56 PM IST
ins.jpg

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार ने प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नौसेना शौर्य स्मारक बनाने का फैसला लिया है। इसके लिए नौसेना से सेवानिवृत्त आईएनएस गोमती युद्धपोत लखनऊ आएगा। प्रदेश में अब पयर्टकों के लिए आईएनएस गोमती आकर्षण का नया केंद्र बनेगा। इस युद्धपोत को गोमती रिवर फ्रंट के किनारे रखा जाएगा। भारतीय नौसेना के बेड़े में 34 वर्ष से शामिल युद्धपोत आईएनएस गोमती अब यूपी को मिलने जा रहा है। यह युद्धपोत इसी माह 28 मई को उत्तर प्रदेश के पर्यटन विभाग को हैंडओवर कर दिया जाएगा। यूपी के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि यूपी के लिए ये बड़े गौरव को बात है की आईएनएस गोमती यूपी को हैंडओवर होने जा रहा है।

नौसेना के शौर्य स्मारक में म्यूजियम बनेगा

खबरों के अनुसार नौसेना के शौर्य स्मारक में बेहतरीन म्यूजियम बनेगा। म्यूजियम में युद्धपोत के सारे लड़ाकू उपकरणों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। इस म्यूजियम के आसपास म्यूरल गैलरी, हर्बल गार्डन, रेस्टोरेंट भी होंगे। मनोरंजन स्थल, लैंडस्कैपिंग, कॉन्प्लेक्स ओपन एयर थिएटर की भी व्यवस्था भी होगी।

28 मई को यूपी को होगा हैंडओवर

28 मई को नौसेना का सेवानिवृत्त आईएनएस गोमती यूपी को मिलेगा। प्रमुख सचिव पर्यटन मुकेश मुंबई में इसे आधिकारिक तौर पर प्राप्त करेंगे। 126 मीटर लंबे और 14 मीटर चौड़े युद्धपोत के पार्ट्स अलग कर सड़क मार्ग के जरिए लखनऊ लाया जायेगा। युद्धपोत के साथ रॉ राडार, एंकर, मिसाइल लॉन्चर, लार्ज प्रोपेलर, सी- हैरियर एयरक्राफ्ट, स्मार्ट टारपीडो लॉन्चर, शिप मैनगन, एके 725 C किंग हेलीकॉप्टर भी लखनऊ लाया जाएगा।

नौसेना को दी 34 साल की सेवाएं

बता दें कि आईएनएस गोमती 19 मार्च 1984 को लॉन्च हुआ था। 34 वर्ष की शानदार सेवा के बाद नौसेना से सेवानिवृत्त हुआ है। गोमती नदी के नाम पर इस युद्धपोत का नामकरण किया गया था। ऐसे में नौसेना से सेवानिवृत्त होने के बाद इस युद्धपोत को गोमती नदी के किनारे स्थापित करने का फैसला लिया गया है।

इसके लोगो में छतरमंजिल भी

इसके लोगो में गोमती किनारे स्थित छतरमंजिल को भी दर्शाया गया है। नौसेना अधिकारी आईएनएस गोमती पर्यटन विभाग को हस्तांरित करेंगे। यह प्रदेश के लिए यह उपलब्धि है कि तीन दशक तक देश की रक्षा करने वाले इस जहाज को नौसेना ने इस राज्य को नि:शुल्क सौंपने का निर्णय लिया है।

Published on: