बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकारण के निर्देश के बाद बीमा कंपनियों ने कोरोना कवर पॉलिसी लॉन्च की है। यह पॉलिसी लेने वाले लोगों को कोरोना होने पर बीमा कंपनियां इलाज का खर्च देंगी। इस पॉलिसी से मध्य वर्गीय परिवार को बड़ा फायदा होगा
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण (Covid-19) का दायरा बढ़ता जा रहा है। प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या 35 हजार पार कर चुकी है। वहीं कोरोना से मौतों का आंकड़ा 934 पहुंच गया है। हालांकि, कोविड अस्पतालों (Covid-19 Hospitals) में इलाज जारी है लेकिन कई ऐसे परिवार हैं, जो कम आमदनी के चलते अस्पताल का खर्चा वहन करने में असक्षम महसूस करते हैं। मगर अब उन्हें इसकी फिक्र करने की जरूरत नहीं होगी क्योंकि अब जीवन बीमा कवर के तहत कोरोना का इलाज कराना आसान हो जाएगा। बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकारण के निर्देश के बाद बीमा कंपनियों ने कोरोना कवर पॉलिसी लॉन्च की है। यह पॉलिसी लेने वाले लोगों को कोरोना होने पर बीमा कंपनियां इलाज का खर्च देंगी। इस पॉलिसी से मध्य वर्गीय परिवार को बड़ा फायदा होगा।
कौन ले सकता है पॉलिसी
कोरोना कवर पॉलिसी अधिकतम 65 साल तक के लोग ही ले सकते हैं। साढ़े तीन महीने से लेकर साढ़े नौ महीने तक की अवधि वाली इन पॉलिसी में 50 हजार से 5 लाख तक का बीमा कवर मिलेगा। हालांकि, सभी कंपनियों का प्रीमियम कवर अलग होगा लेकिन इलाज की सुविधा एक जैसी होगी।
होम क्वांरटीन का खर्च भी कंपनी के जिम्मे
पॉलिसी लेने वालों को घरों में 14 दिन की देखभाल का खर्च भी कंपनी देगी। एलोपैथी के अलावा अगर होम्योपैथिक, यूनानी और आयुर्वेदिक पद्धति से इलाज पर भी बीमा कंपनी खर्च वहन करेगी। होम क्वांरटीन का खर्च भी कंपनी के जिम्मे होगा।