- भाजपा ओबीसी को जनसंख्या के अनुपात में उनका हक़ नहीं देना चाहती है : अखिलेश यादव
लखनऊ. भारत में जातिगत जनगणना मसले पर मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर कहाकि, जनगणना में ओबीसी जातियों की गिनती एक लंबा और कठिन काम है इसलिए इसे 2021 की जनगणना में शामिल नहीं किया जाएगा। इस जानकारी के बाद विपक्षी पार्टियां बौखला गईं। इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहाकि, धन-बल की समर्थक भाजपा शुरू से ही सामाजिक न्याय की विरोधी है।
जातिगत जनगणना पर भाजपा के रुख से नाराज सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने शनिवार को अपने ट्विट पर लिखा कि, भाजपा सरकार ने लम्बे समय से चली आ रही ‘ओबीसी’ समाज की गणना की माँग को ठुकरा कर साबित कर दिया है कि वो ‘अन्य पिछड़ा वर्ग’ को गिनना नहीं चाहती है क्योंकि वो ओबीसी को जनसंख्या के अनुपात में उनका हक़ नहीं देना चाहती है। धन-बल की समर्थक भाजपा शुरू से ही सामाजिक न्याय की विरोधी है।
सपा को मिलेंगी 400 सीटें :- भाजपा को गुरुवार घेरते हुए अखिलेश यादव ने कहा था कि यूपी सरकार गाय, गंगा और गड्ढे के मामले में फेल है। प्रदेश में अगले साल कई अन्य राज्यों के साथ फरवरी-मार्च में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। आम लोगों की बीजेपी से काफी नाराजगी है और इस वजह से सपा को 400 सीटें मिलने जा रही हैं।
जातिगत जनगणना पर भाजपा का इनकार :- देश में जातिगत जनगणना (OBC Census 2021) मामले पर लंबे समय से सियासी संग्राम जारी है। तमाम तरह की अटकलों के बीच केंद्र की मोदी सरकार ने अपना स्टैंड साफ कर दिया है। देश की सबसे बड़ी अदालत में एक हलफनामा दायर कर केंद्र ने कहा कि जनगणना में ओबीसी जातियों की गिनती एक लंबा और कठिन काम है इसलिए इसे 2021 की जनगणना में शामिल नहीं किया जाएगा। केंद्र के इस रुख के बाद जो पार्टियां इसकी मांग कर रही थी उन्हें बड़ा झटका लगा है।