लखनऊ

हिंसा में एनजीओ और राजनीतिक लोग हो सकते हैं शामिल, जांच जारी, यूपी डीजीपी का बड़ा बयान

डीजीपी ने चेताते हुए कहाकि हिंसा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा
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Dec 21, 2019
UPDGP
हिंसा में एनजीओ और राजनीतिक लोग हो सकते हैं शामिल, जांच जारी, यूपी डीजीपी का बड़ा बयान

लखनऊ. नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हुए विरोध—प्रदर्शनों में उत्तर प्रदेश में व्यापक हिंसा हुई, जिसमें तकरीबन 12 लोगों की मौत हो गई। शनिवार को प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओपी सिंह ने एक खुलासा करते हुए कहाकि हिंसा में बाहरी तत्वों का हाथ है। साथ ही चेताते हुए कहाकि हिंसा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओपी सिंह ने कहा, ‘‘हम किसी को बख्शेंगे नहीं, क्योंकि उन्होंने हिंसा की है। साथ ही हम किसी निर्दोष को गिरफ्तार नहीं करेंगे।’’

डीजीपी ने कहा, ‘‘पुलिस सतर्क है और गश्त कर रही है। कई शहरों के लोगों से अपील की गई है कि वे शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। जहां भी मामले दर्ज हुए हैं, वहां का स्थानीय पुलिस प्रशासन गिरफ्तारियां कर रहा है। किसी निर्दोष को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। पूरी छानबीन के बाद ही गिरफ्तारी होगी।’’

डीजीपी ने बताया कि लखनऊ में 218 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह पूछने पर कि क्या उपद्रवियों पर रासुका और गुंडा एक्ट लगाया जाएगा, इसके जवाब में पुलिस मुखिया ने कहा अगर ऐसा कुछ होगा, तो बता दिया जाएगा।

हिंसा में राजनीतिक लोगों का हाथ होने के सवाल पर डीजीपी ने बेहद संजीदगी के साथ कहा, ‘‘विवेचना जारी है, टीमें बनाई गई हैं जो परीक्षण कर रही हैं। सभी पहलुओं से जांच हो रही है। एनजीओ और राजनीतिक लोग शामिल हो सकते हैं।’’

डीजीपी से जब यह पूछा गया कि क्या हिंसा में बांग्लादेश के लोग शामिल हो सकते हैं, तो जवाब था, मामले की जांच जारी है।

Published on:
21 Dec 2019 02:41 pm