
राजधानी लखनऊ में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक के आवास पर प्रदर्शन किया। हजरतगंज स्थित राजभवन कॉलोनी में उत्तर प्रदेश एड्स कंट्रोल सोसाइटी कर्मचारी संघ से जुड़े कर्मचारी बैनर और पोस्टर लेकर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने लंबे समय से सेवाएं देने के बावजूद नियमित नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई और सरकार से स्थायी समाधान निकालने की मांग की। कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले 20 से 25 वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्य कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान नहीं हो सका है। अपनी मांगों पर सुनवाई नहीं होने से नाराज कर्मचारी कई दिनों से इको गार्डन में धरना दे रहे हैं। इसी क्रम में वे स्वास्थ्य मंत्री के आवास पर अपनी बात पहुंचाने पहुंचे।
कर्मचारी संघ ने नियमितीकरण के साथ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की तर्ज पर ऑटो रिन्यूअल की व्यवस्था लागू करने की मांग भी उठाई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि संविदा कर्मचारियों की सेवाओं के नवीनीकरण को लेकर स्पष्ट और व्यवस्थित नीति होनी चाहिए। इससे कर्मचारियों को बार-बार सेवा नवीनीकरण की अनिश्चितता का सामना नहीं करना पड़ेगा। संघ का मानना है कि सरकार को कर्मचारियों की वर्षों की सेवा और उनके अनुभव को ध्यान में रखते हुए उनकी मांगों पर निर्णय लेना चाहिए।
अपनी मांगों को लेकर संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी पिछले कई दिनों से लखनऊ के इको गार्डन में धरना दे रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि लगातार प्रदर्शन और अपनी समस्याएं उठाने के बावजूद उनकी मांगों पर अपेक्षित सुनवाई नहीं हुई है। इसी वजह से उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक के आवास तक पहुंचकर अपनी आवाज सरकार के सामने रखने का निर्णय लिया। प्रदर्शनकारियों को उम्मीद है कि उनकी समस्याओं पर उच्च स्तर पर विचार किया जाएगा और लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान के लिए ठोस पहल होगी।
स्वास्थ्य मंत्री के आवास पर कर्मचारियों के पहुंचने की सूचना के बाद मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। संवेदनशील इलाके में प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने पर ध्यान दिया गया। कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। हालांकि, मौके पर अधिकारियों की ओर से किसी औपचारिक आश्वासन या मांगों पर निर्णय की पुष्टि नहीं हुई है।
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने वर्षों तक स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्यों में योगदान दिया है। ऐसे में उनकी सेवा संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए। नियमितीकरण और ऑटो रिन्यूअल की मांग को लेकर चल रहे इस प्रदर्शन के बीच अब निगाहें शासन और स्वास्थ्य विभाग के रुख पर टिकी हैं। यदि कर्मचारियों की मांगों पर कोई निर्णय लिया जाता है, तो इससे उनकी सेवा संबंधी स्थिति पर असर पड़ सकता है।