
Dhanteras Shopping: महंगाई के बीच भी इस बार धनतेरस पर सोने-चांदी की खरीदारी को लेकर ग्राहकों का उत्साह बरकरार है। लखनऊ के सर्राफा बाजार में कारोबारियों को उम्मीद है कि छह नवंबर को पड़ने वाले धनतेरस के पर्व पर सोने की बिक्री नए रिकॉर्ड बना सकती है। वर्ष 2025 के मुकाबले सोने की कीमत में प्रति 10 ग्राम करीब 21 हजार रुपये और चांदी की कीमत में प्रति किलोग्राम करीब 60 हजार रुपये की तेजी बताई जा रही है। इसके बावजूद ग्राहक खरीदारी की तैयारी में जुटे हैं। धनतेरस और दीपावली को देखते हुए सराफा बाजार के साथ वाहन बाजार में भी बुकिंग का सिलसिला शुरू हो गया है।
धनतेरस पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है। यही वजह है कि कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद लोग अपनी सामर्थ्य के अनुसार आभूषण और सोने के सिक्के खरीदने की योजना बना रहे हैं। कुछ ग्राहक बजट के मुताबिक हल्के आभूषण पसंद कर रहे हैं, जबकि कई लोग त्योहार के लिए पहले से खरीदारी सुनिश्चित करना चाहते हैं। कारोबारियों को उम्मीद है कि पर्व के करीब आने के साथ बाजार में ग्राहकों की आवाजाही और बढ़ेगी।
धनतेरस की मांग को देखते हुए सराफा कारोबारियों ने प्री-बुकिंग शुरू कर दी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कुछ कारोबारी ग्राहकों से कुल कीमत का 50 प्रतिशत और कुछ 75 प्रतिशत तक अग्रिम भुगतान लेकर सोने की बुकिंग कर रहे हैं। इससे ग्राहकों को अपनी खरीदारी पहले से तय करने का विकल्प मिल रहा है। हालांकि, बुकिंग के समय सोने की कीमत तय होगी या डिलीवरी के दिन के भाव लागू होंगे, यह संबंधित कारोबारी की शर्तों पर निर्भर करेगा। ग्राहकों को भुगतान से पहले इन शर्तों की जानकारी लेना जरूरी है।
धनतेरस के मौके पर ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कारोबारी खरीदारी के साथ निश्चित उपहार देने की तैयारी भी कर रहे हैं। त्योहार के दौरान उपहार और विशेष ऑफर ग्राहकों के लिए अतिरिक्त आकर्षण बन सकते हैं। हालांकि, ऑफर की पात्रता, न्यूनतम खरीदारी और उपहार की उपलब्धता जैसी शर्तें दुकान के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं। ग्राहकों को खरीदारी से पहले इनका विवरण स्पष्ट कर लेना चाहिए।
सोने-चांदी के साथ धनतेरस और दीपावली को लेकर वाहन बाजार में भी गतिविधियां तेज होने लगी हैं। वाहन कारोबारियों ने ग्राहकों की मांग को देखते हुए बुकिंग शुरू कर दी है। त्योहार पर नया वाहन खरीदना शुभ मानने वाले ग्राहक पहले से मॉडल और बजट तय कर रहे हैं। उपलब्ध कारोबारी जानकारी के मुताबिक, इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग पिछले साल की तुलना में करीब 20 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है। यदि यह रुझान बरकरार रहता है, तो इस त्योहार पर इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में भी अच्छी बिक्री की उम्मीद की जा सकती है।
धनतेरस और दीपावली का समय सराफा तथा वाहन कारोबार के लिए अहम माना जाता है। इस दौरान खरीदारी की परंपरा के चलते बाजार में मांग बढ़ती है। इस बार कीमतों में तेज बढ़ोतरी के बावजूद ग्राहकों की दिलचस्पी कारोबारियों के लिए सकारात्मक संकेत है। अब बाजार की नजर धनतेरस के दिन होने वाली वास्तविक बिक्री पर है, जिससे पता चलेगा कि महंगाई के बीच खरीदारी का उत्साह कारोबार को किस स्तर तक पहुंचाता है।