लखनऊ

दिव्या मर्डर केस: मानस वाजपेयी का मकान सील, अवैध हथियार देने वाले सप्लायरों की तलाश, कॉल डिटेल से खुलेगा राज

Divya Murder Case: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पॉश इलाके गोमतीनगर में हुए सनसनीखेज हत्याकांड के बाद पुलिस और प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। हुसड़िया चौराहे के पास स्थित आरोपी मानस वाजपेयी के मकान को फोरेंसिक जांच पूरी होने के बाद सील कर दिया गया है।
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Aug 23, 2026
lucknow news
लखनऊ के हुसड़िया चौराहे के पास स्थित आरोपी मानस वाजपेयी के घर जांच करती पुलिस।Photo: IANS/Video Grab)

Divya Murder Case: लखनऊ के गोमतीनगर में मानस की हत्या के बाद हुसड़िया चौराहे के पास स्थित उसका मकान अब पुलिस के कब्जे में है। शुक्रवार को कई घंटे तक चली फोरेंसिक जांच के बाद पुलिस ने घर को सील कर दिया। घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाने के बाद मकान के बाहर पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं। अब बिना अनुमति किसी को अंदर जाने नहीं दिया जा रहा है।

वारदात के बाद इलाके में सन्‍नाटा पसरा हुआ है। मानस के मकान के बाहर चलने वाला रेस्टोरेंट बंद है। वहां काम करने वाले कर्मचारी भी नजर नहीं आ रहे हैं। आसपास के लोगों के मुताबिक, जिस जगह सामान्य दिनों में लोगों की आवाजाही रहती थी, वहां घटना के बाद से खामोशी है।

कमरे से लेकर किचन-बाथरूम तक हुई जांच

शुक्रवार को पुलिस के साथ फोरेंसिक विशेषज्ञ और डॉग स्क्वायड मौके पर पहुंचे। टीम ने घर के अंदर अलग-अलग हिस्सों की पड़ताल की। कमरों के अलावा किचन और बाथरूम की भी जांच की गई। मौके पर मिले खून के निशान, कपड़े और दूसरे सामान को पुलिस ने अपने कब्जे में लिया है।

साक्ष्यों को जुटाने और घटनास्थल की जांच पूरी करने के बाद ही मकान को सील किया गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, फोरेंसिक टीम अब बरामद सामग्री का परीक्षण कर रही है।

घर में काम करने वाली महिला से पूछताछ की तैयारी

जांच के दौरान पुलिस की नजर उन लोगों पर भी है, जिन्हें घर के अंदर नियमित आने-जाने की जानकारी थी। पड़ोसियों ने बताया कि मानस के घर में सफाई और खाना बनाने के लिए एक बाई आती थी। घटना के बाद से वह घर नहीं आई है। पुलिस अब उससे संपर्क कर पूछताछ करने की तैयारी में है। पुलिस यह जानने की कोशिश करेगी कि वारदात से पहले घर में कौन-कौन आया था और उसे घर के भीतर की गतिविधियों के बारे में क्या जानकारी थी।

8-10 साल से दुकान चला रहा दुकानदार

मकान के बाहर दो दुकानें भी किराए पर चलती हैं। मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक, दुकानदार लवकुश ने बताया कि दोनों जगह खाने-पीने का काम होता है। वह करीब 8 से 10 साल से यहां दुकान चला रहे हैं। उनके मुताबिक, दुकानें मानस की मां ने किराए पर दी थीं।

लवकुश ने कहा कि घटना के बाद इलाके में डर का माहौल है। उन्होंने मानस को सीधे स्वभाव का बताते हुए कहा कि उसकी किसी से दुश्मनी या मोहल्ले में विवाद की जानकारी उन्हें नहीं थी।

तीन असलहों की खरीद पुलिस के लिए अहम कड़ी

हत्या की जांच में अब हथियारों की सप्लाई का कनेक्शन अहम माना जा रहा है। पुलिस को अभी तक उन तीन लोगों का पता नहीं चला है, जिन्होंने मानस को असलहे उपलब्ध कराए थे। घटना के तीसरे दिन भी इनकी तलाश जारी है।

मानस के मोबाइल की कॉल डिटेल भी पुलिस ने मंगाई है। अधिकारियों को सीडीआर सोमवार को मिलने की उम्मीद है। कॉल डिटेल सामने आने के बाद पुलिस उन संपर्कों की पड़ताल करेगी, जो हथियारों की खरीद और संदिग्ध लोगों तक पहुंचने में मदद कर सकते हैं।

जांच में बरामद पिस्टल के मुंगेर में बनी होने की पुष्टि हुई है। इसके बाद पुलिस को शक है कि हथियार मुंगेर से जुड़े किसी नेटवर्क के जरिए पहुंचा। इसी दिशा में संदिग्धों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस की जांच में कई लोग संदेह के घेरे में हैं।

Updated on:
23 Aug 2026 10:03 am
Published on:
23 Aug 2026 09:56 am