
किसान नेता दिग्विजय भाटी (X Photo Narendra Pratap)
Digvijay Bhati Police Allegation: मेरठ में किसान नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव ने पुलिस पर मारपीट और अमानवीय व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं। दिग्विजय भाटी का आरोप है कि उन्हें और मोहित जाटव को बुरी तरह पीटने के बाद फिल्म खलनायक के गाने ‘चोली के पीछे क्या है...’ पर जबरन नचाया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस उनका एनकाउंटर करना चाहती थी। मामले में एडीजी के आदेश पर सहारनपुर डीआईजी अभिषेक सिंह ने जांच शुरू कर दी है।
दिग्विजय भाटी ने दावा किया कि पुलिस उनका एनकाउंटर करना चाहती थी। उन्होंने कहा कि एसएसपी ने पुलिसकर्मियों से कहा था कि एक गोली उन्हें मारो और फिर इनका एनकाउंटर कर दो। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हाथों की उंगलियों पर लाठी मारी गई और कहा गया कि इन हाथों से चार दिन रोटी नहीं खा पाओगे।
दिग्विजय ने कहा कि आठ जुलाई के प्रदर्शन में वह और मोहित शामिल नहीं थे। उनका कहना था कि वे एक गरीब परिवार को न्याय दिलाने के लिए आगे आए थे। उन्होंने कहा कि अगर ऐसे ही कार्रवाई होती रही तो जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने से लोग डरेंगे।
दिग्विजय ने बताया कि सिविल लाइन थाना प्रभारी अखिलेश गौड़ को बुलाया गया। दोनों नेताओं को एसओजी दफ्तर ले जाया गया, जहां उनके हाथ-पैर बांधकर डंडों से पीटने का आरोप है। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी पिटाई के दौरान उन्हें फिल्मी गानों पर नाचने के लिए मजबूर करते थे।
दिग्विजय ने बताया कि पहले खलनायक फिल्म का गाना 'चोली के पीछे क्या है…' बजाया गया। इसके बाद 'छत पर सोया था बहनोई…' गाना चलाकर भी नाचने के लिए कहा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने सिर पर कपड़ा डालकर नाचने के लिए भी दबाव बनाया और बाद में फिर फट्टे से पीटा। मोहित जाटव ने कहा कि इतनी पिटाई के बाद दोनों की हालत ऐसी थी कि वे सिर्फ हाथ हिला पा रहे थे।
शुक्रवार को सपा विधायक अतुल प्रधान के आवास पर पत्रकारों के सामने दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव अपने शरीर पर चोट के नीले निशान दिखाते हुए रो पड़े। दिग्विजय ने आरोप लगाया कि 19 अगस्त को वह मोहित जाटव के साथ तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय से मिलने गए थे। उनका कहना था कि ललिता गौतम हत्याकांड से जुड़े विरोध-प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने 8-10 लोगों को जेल भेजा था। उनका दावा था कि वे प्रदर्शन में शामिल नहीं थे और इसी बात को बताने के लिए एसएसपी से मिलने पहुंचे थे।
दिग्विजय ने कहा कि एसएसपी ने अपने चैंबर में ले जाकर लात-घूंसे, बेल्ट और जूतों से पीटा। उन्होंने आरोप लगाया कि आंख पर जूते से वार किया गया, जिससे गंभीर चोट लगी और दांत भी टूट गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीजी के आदेश पर सहारनपुर के डीआईजी अभिषेक सिंह मेरठ पहुंचे और जांच शुरू कर दी। उन्हें घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल करने, घटनास्थल का मुआयना करने और सभी पक्षों से बातचीत के बाद रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
Updated on:
22 Aug 2026 08:31 am
Published on:
22 Aug 2026 08:31 am
