- नियामक आयोग की मंजूरी का इंतजार- अब तक यूपी सरकार ने करीब 380 करोड़ रुपए की बिजली खरीदी
लखनऊ. UP Electricity Regulatory Commission Waiting approval उत्तर प्रदेश में कोयले की किल्लत से बिजली संकट जारी है। योगी सरकार सूबे की जनता को बिजली की कमी न हो इसलिए इंडियन एनर्जी एक्सचेंज से लगातार महंगी बिजली खरीद रही है। यूपी सरकार के साथ बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक खुशखबर यह है कि अगर नियामक आयोग ने सरकार के पक्ष में फैसला दिया तो सोमवार से संभवत हाइड्रो पावर की करीब 400 मेगावॉट बिजली मिलने लगेगी। हाइड्रो पावर करार में हुए कुछ बदलाव की वजह से एक केस नियामक आयोग में चल रहा है। जिसकी आज सुनवाई है।
13 मिलियन यूनिट हाइड्रो पावर बिजली रोजाना मिलेगी :- यूपी सरकार को इस वक्त नियामक आयोग के फैसले का बेसब्री से इंतजार है। नियामक आयोग में अगर सहमति बन जाती है तो जहां सरकार को कम पैसे में बिजली मिल जाएगी वहीं बिजली संकट से गुजर रही जनता को सहूलियत मिल जाएगी। हाइड्रो पावर की बिजली सप्लाई के लिए करीब एक साल पहले करार हुआ था। पर मामला नियामक आयोग में पहुंच गया। बस नियामक आयोग की मोहर लगने के साथ ही यूपी पावर कॉर्पोरेशन को प्रतिदिन 12 से 13 मिलियन यूनिट बिजली मिलेगी। इस बिजली की प्रति यूनिट के लिए सिर्फ 5.57 रुपए ही चुकाने होंगे। इस बिजली के मिलने के बाद यूपी सरकार को इंडियन एनर्जी एक्सचेंज से पचास फीसद कम खरीदारी करनी होगी।
संभावना मिल जाए हरी झंडी :- अवधेश कुमार वर्मा
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा बताते हैं कि, सोमवार को नियामक आयोग की मुहर लगते ही 400 मेगावाट हाइड्रो पावर बिजली प्रदेश को मिलनी शुरू हो जाएगी। बिडिंग शर्तों के तहत प्रदेश ने हाइड्रो पावर की इस बिजली का लगभग 5.57 रुपए प्रति यूनिट की दर से 25 वर्ष के लिए अनुबंध किया था। लेकिन शर्तों में कुछ बदलाव के चलते उस पर आयोग की मुहर लगनी बाकी थी। पूरी संभावना है कि सोमवार को इसे हरी झंडी मिल जाएगी।
एक यूनिट के लिए 17 रुपए :- उत्तर प्रदेश पॉवर कारपोरेशन ने दो दिन में 45 मिलियन (साढ़े 4 करोड़) यूनिट बिजली खरीदी है। 16 अक्टूबर को 26 मिलियन यूनिट और 17 अक्टूबर को 19 मिलियन यूनिट बिजली इंडियन एनर्जी एक्सचेंज से करीब 14 से 17 रुपए प्रति यूनिट के बीच खरीदी है। जबकि पावर कॉर्पोरेशन को एक यूनिट बिजली बनाने में अधिकतम 6 रुपए यूनिट ही खर्च करना पड़ता है।
7 रुपए से अधिक में बिजली नहीं :- वैसे पावर कॉर्पोरेशन में नियम बना हुआ है कि, बिजली खरीद के लिए पावर कॉर्पोरेशन किसी को भी 7 रुपए प्रति यूनिट से ज्यादा अदा नहीं करेगा। लेकिन मजबरी की वजह से 17 रुपए प्रति यूनिट तक अदा करनी पड़ रही है। अब तक यूपी सरकार करीब 380 करोड़ रुपए की बिजली खरीद चुका है।
महंगी बिजली पर सीलिंग लगाए सरकार :- राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने एक बार फिर केंद्र सरकार से मांग उठाई कि इंडियन एनर्जी एक्सचेंज की महंगी बिजली पर सीलिंग लगाई जाए।