UP MLC By Election 2022 यूपी विधान परिषद उपचुनाव 2022 के रिक्त दो सीटों के लिए सोमवार को भाजपा और समाजवादी पार्टी प्रत्याशियों ने अपना नामांकन दाखिल किया था। मंगलवार को उम्र के बारे में गलत जानकारी देने की वजह से समाजवादी पार्टी प्रत्याशी कीर्ति कोल का नामांकन पेपर रद कर दिया गया है।
यूपी विधान परिषद उपचुनाव 2022 के रिक्त दो सीटों के लिए सोमवार को भाजपा और समाजवादी पार्टी प्रत्याशियों ने अपना नामांकन दाखिल किया था। मंगलवार को उम्र के बारे में गलत जानकारी देने की वजह से समाजवादी पार्टी प्रत्याशी कीर्ति कोल का नामांकन पेपर रद कर दिया गया है। चुनाव आयोग के इस फैसले के बाद समाजवादी पार्टी में मायूसी छा गई। पर भाजपा में खुशियों की लहर दौड़ गई है। इस फैसले के बाद अब भाजपा का रास्ता साफ हो गया है। यूपी विधान परिषद उपचुनाव 2022 की रिक्त दो सीटों पर भाजपा की जीत तय है।
उम्र की वजह से रद हुआ पर्चा
यूपी विधान परिषद उपचुनाव 2022 के रिक्त दो सीटों के लिए 11 अगस्त को उप चुनाव होना था। पर अब वोटिंग नहीं होगी। चुनाव का रिजल्ट एकतरफा घोषित हो जाएगा। विधान परिषद उपचुनाव 2022 में भाजपा को चुनौती देने के लिए समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार कीर्ति कोल ने सोमवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था। कीर्ति कोल अहमद हसन के निधन से खाली हुई सीट पर अपना दावा पेश कर रही थीं। कीर्ति कोल आदिवासी समुदाय से सम्बंध रखती है। उनका नामांकन उम्र की वजह से रद किया गया है। विधान परिषद चुनाव के लिए न्यूनतम उम्र 30 वर्ष निर्धारित है। पर कीर्ति कोल ने नामांकन पत्र में अपनी उम्र 28 वर्ष दिखाई है।
भाजपा प्रवक्ता का बयान
इस मामले में भाजपा प्रवक्ता अलोक अवस्थी ने कहा कि, समाजवादी पार्टी को कैसे नहीं मालूम था कि इस चुनाव में उम्र की सीमा 28 वर्ष हो ही नहीं सकती। उम्र 30 साल से अधिक होनी चाहिए। पार्टी ने गैरजिम्मेदाराना तरीके से प्रत्याशी मैदान में उतारा।
विधानसभा चुनाव 2022 हारी थी कीर्ति कौल
मिर्जापुर जिले की छानबे विधानसभा सीट से सपा के टिकट पर कीर्ति कौल ने विधानसभा चुनाव 2022 में अपनी किस्मत आजमाई थी। वह मिर्जापुर से पूर्व सांसद भाईलाल कौल की बेटी हैं।
भाजपा उम्मीदवारों की जीत पक्की
यूपी विधान परिषद उपचुनाव 2022 की दोनों रिक्त सीटें नेता प्रतिपक्ष रहे अहमद हसन के निधन व ठाकुर जयवीर सिंह के एमएलए चुने जाने के बाद एमएलसी सीट से इस्तीफा देने के कारण रिक्त हुई हैं। अहमद हसन की सीट का कार्यकाल 30 जनवरी 2027 व जयवीर की सीट का कार्यकाल पांच मई 2024 तक है। अहमद हसन के निधन से खाली हुई सीट पर भाजपा के धर्मेंद्र सिंह सैंथवार और ठाकुर जयवीर सिंह के इस्तीफे से खाली हुई सीट पर निर्मला पासवान ने अपना नामांकन दाखिल किया है। इस फैसले के बाद अब इन दोनों भाजपा उम्मीदवारों की जीत पक्की हो गई है।