निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण पर उत्तर प्रदेश में राजनीति गरमा गई है। यूपी के सभी विपक्षी दल लगातार यूपी सरकार पर हमला बोल रहे हैं।
बसपा सुप्रीमों मायावाती ने गुरुवार को लगातार तीन ट्वीट करके बीजेपी कांग्रेस और सपा पर निशाना साधा। उन्होंने पहले ट्वीट में लिखा कि “कांग्रेस ने केन्द्र में अपनी सरकार के चलते पिछड़ों के आरक्षण सम्बन्धी मण्डल कमीशन की रिपोर्ट को लागू नहीं होने दिया। साथ ही SC, ST आरक्षण को भी निष्प्रभावी बना दिया। और अब, बीजेपी भी, इस मामले में कांग्रेस के पदचिन्हों पर ही चल रही है। अति चिन्तनीय।”
दूसरे ट्वीट में लिखा कि “सपा सरकार ने भी खासकर अति पिछड़ों को पूरा हक नहीं दिया। SC, ST का पदोन्नति में आरक्षण खत्म कर दिया। इससे सम्बन्धित बिल को सपा ने संसद में फाड़ दिया तथा इसेे पास भी नहीं होने दिया। इन सभी वर्गों के लोग सावधान रहें।”
तीसरे ट्वीट में लिखा कि “जबकि बी.एस.पी. सरकार में SC, ST साथ-साथ अति पिछड़ों व पिछड़ों को भी आरक्षण का पूरा हक दिया गया। अतः अब आरक्षण पर बड़ी-बड़ी बातें करने से सपा व अन्य पार्टियों को भी कोई लाभ मिलने वाला नहीं। ये सभी वर्ग इन दोगले चेहरों से भी सतर्क रहें।”
सुप्रीम कोर्ट पहुंची यूपी सरकार
यूपी सरकार ओबीसी आरक्षण मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। दरअसल मंलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के लखनऊ बेंच 5 दिसंबर को सरकार द्वारा जारी ड्राफ्ट अधिसूचना को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि ओबीसी आरक्षण वाली सीट को सामान्य माना जाए और सही समय पर निकाय चुनाव को कराया जाए।