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Lucknow Airport पर बड़ी कार्रवाई: बैंकॉक से आए यात्री के पास से 12 करोड़ की हाइड्रोपोनिक वीड बरामद

Major Action at Lucknow Airport: लखनऊ एयरपोर्ट पर डीआरआई की बड़ी कार्रवाई में बैंकॉक से आए यात्री के पास से 12 करोड़ रुपये की हाइड्रोपोनिक वीड बरामद, आरोपी हिरासत में, अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क की जांच जारी।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

May 05, 2026

डीआरआई की सतर्कता से अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क का खुलासा, आरोपी हिरासत में (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

डीआरआई की सतर्कता से अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क का खुलासा, आरोपी हिरासत में (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

Lucknow Airport DRI Action: राजधानी लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी के एक मामले का पर्दाफाश किया है। बैंकॉक से आए एक संदिग्ध यात्री के पास से करीब 12 करोड़ रुपये की हाइड्रोपोनिक वीड (उच्च गुणवत्ता वाली गांजा) बरामद की गई है। इस बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों को भी चौंका दिया है।

सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई

डीआरआई को पहले से ही इस तस्करी की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर एयर एशिया की फ्लाइट से लखनऊ पहुंचे एक यात्री को चिन्हित किया गया। जैसे ही विमान लखनऊ एयरपोर्ट पर उतरा, टीम ने संदिग्ध को हिरासत में लेकर गहन जांच शुरू कर दी। अधिकारियों ने बताया कि यात्री की गतिविधियां संदिग्ध लग रही थीं, जिसके चलते उसके सामान की विशेष जांच की गई। तलाशी के दौरान उसके बैग से करीब 12 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड बरामद हुई।

क्या है हाइड्रोपोनिक वीड

हाइड्रोपोनिक वीड एक विशेष प्रकार की गांजा होती है, जिसे मिट्टी के बजाय नियंत्रित वातावरण में उगाया जाता है। इसमें उच्च स्तर का नशीला तत्व (टीएचसी) पाया जाता है, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी भारी मांग होती है। इसकी कीमत सामान्य गांजा की तुलना में कई गुना अधिक होती है, और यही वजह है कि तस्कर इसे बड़े पैमाने पर विदेशों से भारत लाने की कोशिश करते हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी कीमत

बरामद की गई हाइड्रोपोनिक वीड की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 12 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह बरामदगी हाल के समय में लखनऊ एयरपोर्ट पर पकड़ी गई सबसे बड़ी ड्रग्स खेपों में से एक मानी जा रही है।

आरोपी से पूछताछ जारी

डीआरआई ने आरोपी यात्री को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वह यह ड्रग्स कहां से लाया और इसे किसे सौंपने वाला था। एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि इस तस्करी के पीछे कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है। संभावना जताई जा रही है कि इस मामले में कई और लोग भी शामिल हो सकते हैं।

तस्करों के नए तरीके

जांच एजेंसियों के अनुसार, ड्रग्स तस्कर लगातार नए-नए तरीके अपनाकर सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने की कोशिश करते हैं। कभी वे सामान के अंदर छिपाकर, तो कभी विशेष पैकेजिंग के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी करते हैं। इस मामले में भी तस्कर ने ड्रग्स को बैग में इस तरह छिपाया था कि सामान्य जांच में पकड़ में आना मुश्किल था, लेकिन डीआरआई की सतर्कता के कारण यह प्रयास विफल हो गया।

पहले भी हो चुकी हैं बड़ी बरामदगी

लखनऊ एयरपोर्ट पर इससे पहले भी करोड़ों रुपये की ड्रग्स पकड़ी जा चुकी है। यह एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के चलते तस्करों के निशाने पर रहता है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क हैं और संदिग्ध यात्रियों पर नजर बनाए रखती हैं, जिससे ऐसे मामलों का खुलासा हो पाता है।

सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता

डीआरआई की इस कार्रवाई को एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। इससे न केवल एक बड़ी खेप पकड़ी गई, बल्कि एक संभावित तस्करी नेटवर्क का भी खुलासा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी और तस्करों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

समाज पर पड़ता है गंभीर असर

ड्रग्स की तस्करी और उसका सेवन समाज के लिए गंभीर खतरा है। इससे युवाओं का भविष्य प्रभावित होता है और अपराध की घटनाओं में भी बढ़ोतरी होती है। सरकार और एजेंसियां लगातार इस पर नियंत्रण पाने के लिए प्रयास कर रही हैं, लेकिन इसके लिए समाज की जागरूकता भी उतनी ही जरूरी है।