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अखिलेश यादव ममता बनर्जी से मिलने कल जाएंगे कोलकाता, चुनाव नतीजों के बाद विपक्षी नेता का पहला दौरा

Akhilesh Yadav kolkata Visit : चुनाव नतीजों के बाद अखिलेश यादव कोलकाता में ममता बनर्जी से मिलेंगे। भाजपा की 207 सीटों पर जीत के बाद विपक्षी एकजुटता और भविष्य की रणनीति पर होगी चर्चा।

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कल ममता बनर्जी से मिलने जाएंगे अखिलेश यादव, PC- ANI

लखनऊ: सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव बुधवार को पश्चिम बंगाल की निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिलने कोलकाता रवाना होंगे। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव नतीजों के ऐलान के तुरंत बाद किसी भी प्रमुख विपक्षी दल के नेता का यह पहला बंगाल दौरा होगा।

मंगलवार को कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ममता बनर्जी ने खुद इस मुलाकात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अखिलेश यादव उनसे आज ही मिलने आना चाहते थे, लेकिन उन्होंने उन्हें कल बुलाया है। ममता ने कहा, 'एक-एक करके सब आएंगे। मेरा लक्ष्य साफ है, INDIA गठबंधन को और मजबूत करना।'

ममता ने इस मौके पर खुद को 'आजाद पंछी' बताते हुए कहा कि अब उनके पास कोई कुर्सी नहीं है, इसलिए वे बिना किसी पद के लोगों की सेवा जारी रखेंगी।

भाजपा ने बंगाल में 207 सीटों पर दर्ज की जीत

सोमवार को आए नतीजों में भाजपा ने पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक जीत दर्ज की। 294 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा ने 207 सीटें जीतीं, जबकि तृणमूल कांग्रेस (TMC) मात्र 80 सीटों पर सिमट गई। 15 साल की सत्ता के बाद ममता बनर्जी को करारी हार का सामना करना पड़ा है।

अखिलेश मैदान से दूर, लेकिन समर्थन जारी

अखिलेश यादव ने इस पूरे चुनाव अभियान में पश्चिम बंगाल से दूरी बनाए रखी। उन्होंने न कोई रैली की, न कोई बैठक की। इसके बजाय उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस और सोशल मीडिया (X) के माध्यम से ममता बनर्जी का समर्थन किया। उन्होंने TMC को एक भी सीट पर उम्मीदवार नहीं उतारने का फैसला लिया था।

नतीजे आने के बाद अखिलेश ने तीन महत्वपूर्ण पोस्ट कीं

  • भाजपा की जीत को 'फरेब' बताया।
  • 2022 के उत्तर प्रदेश चुनाव और 2024 के फर्रुखाबाद लोकसभा चुनाव में भी इसी तरह की 'मतगणना में घपला' होने का आरोप लगाया।
  • महिला आरक्षण का मसला उठाते हुए व्यंग्य किया कि अगर परिणाम मनमाफिक निकाले जा सकते हैं तो मुख्यमंत्री भी 'मनमर्जी' से चुना जा सकता है।

INDIA गठबंधन को मजबूत करेंगी ममता

यह मुलाकात विपक्षी एकता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ममता बनर्जी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वे अब केंद्र में BJP के खिलाफ INDIA गठबंधन को मजबूत करने पर जोर देंगी। अखिलेश का यह दौरा बताता है कि सपा भी 2027 के उत्तर प्रदेश चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर विपक्षी मोर्चा तैयार करने में लगा है।

अखिलेश की दोहरी रणनीति

अखिलेश ने बंगाल चुनाव में सक्रिय भूमिका नहीं ली, लेकिन हार के बाद तुरंत समर्थन जताकर ममता का विश्वास जीतने की कोशिश की है। यह रणनीति उन्हें भविष्य में विपक्षी गठबंधन में मजबूत स्थान दिला सकती है। साथ ही, वे यूपी में अपनी छवि “विपक्षी एकता के समर्थक” के रूप में भी मजबूत करना चाहते हैं।

ममता का नया अवतार

सत्ता से बाहर होने के बाद ममता खुद को 'आम आदमी' और 'आजाद पंछी' बता रही हैं। यह छवि बदलाव उन्हें केंद्र में विपक्ष की अगुवाई करने में मदद कर सकती है। उनकी '15 साल में एक पैसा भी नहीं लिया' वाली बात भी सहानुभूति हासिल करने की कोशिश है।

विपक्ष के सामने चुनौतियां

भाजपा की बंगाल में ऐसी बड़ी जीत ने विपक्ष को झटका दिया है। अब सवाल यह है कि क्या ममता, अखिलेश, राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेता एकजुट हो पाएंगे या व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाएं फिर बाधा बनेंगी। अखिलेश-ममता मुलाकात इस दिशा में पहला टेस्ट केस साबित हो सकती है।

जनवरी 2026 में अखिलेश यादव अपनी पत्नी डिंपल यादव के साथ ममता से मिल चुके थे और चुनावी समर्थन का ऐलान कर चुके थे। अब हार के बाद यह मुलाकात विपक्षी रणनीति के नये दौर की शुरुआत मानी जा रही है।