
ओपी राजभर का बड़ा बयान। फोटो सोर्स फेसबुक (Omprakash Rajbhar)
OP Rajbhar Targeted Akhilesh Yadav: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों ने भले ही एक राज्य की सत्ता तय की हो, लेकिन इसकी गूंज उत्तर प्रदेश की राजनीति में साफ सुनाई दे रही है। नतीजों के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है और पक्ष-विपक्ष एक-दूसरे पर खुलकर निशाना साध रहे हैं। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर (Om Prakash Rajbhar) ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) पर तीखा हमला बोला है।
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव पर कटाक्ष किया। उन्होंने लिखा कि उन्हें बंगाल चुनाव के नतीजों को लेकर कोई संदेह नहीं था। राजभर के मुताबिक, जिस दिन अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी की जीत का दावा किया, उसी दिन यह तय हो गया था कि वे हार जाएंगी।
राजभर ने अपने बयान में अखिलेश यादव के पिछले राजनीतिक समर्थन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश ने महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे का समर्थन किया, जहां हार हुई। दिल्ली में अरविंद केजरीवाल का समर्थन किया, वहां भी हार का सामना करना पड़ा। इसी तरह बिहार में तेजस्वी यादव के लिए प्रचार किया, लेकिन वे भी चुनाव नहीं जीत सके। राजभर ने यह भी कहा कि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने की कोशिश भी असफल रही।
ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव के राजनीतिक भविष्य पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अखिलेश खुद 2014, 2017, 2019 और 2022 के चुनाव हार चुके हैं और 2027 में भी उन्हें हार का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव की राजनीति सीमित वर्ग तक ही सिमटी हुई है और उनके पास व्यापक जनसमर्थन की कमी है।
राजभर ने यह भी कहा कि अखिलेश यादव की सफलता उनके पिता मुलायम सिंह यादव और चाचा शिवपाल यादव की मेहनत का परिणाम थी। उन्होंने दावा किया कि 2027 के बाद अखिलेश की राजनीति खत्म हो जाएगी।
वहीं, अखिलेश यादव ने भी बंगाल चुनाव के नतीजों को लेकर सत्तापक्ष पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह देश के राजनीतिक इतिहास का “काला दिन” है और लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा है।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में मतगणना के दौरान केंद्रीय बलों का दुरुपयोग किया गया। उन्होंने दावा किया कि इसी तरह की घटनाएं 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी देखने को मिली थीं, खासकर कन्नौज क्षेत्र में। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि फर्रुखाबाद में भी इसी तरह की गड़बड़ियां दोहराई गईं।
बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद जिस तरह से उत्तर प्रदेश में बयानबाजी तेज हुई है, उससे साफ है कि आने वाले समय में सियासी तापमान और बढ़ सकता है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगाकर अपने-अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
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Published on:
05 May 2026 02:02 pm
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