आप अपने पैसे के निवेश को लेकर चिंतित हैं, तो पोस्ट ऑफिस की चार सेविंग स्कीम ऐसी हैं, जहां निवेश कर न सिर्फ अपना बुढ़ापा सिक्योर कर सकेंगे बल्कि अपने नौनिहालों की पढ़ाई व दूसरी सप्लीमेंट्री जरूरतें भी सुरक्षित कर सकते हैं।
लखनऊ. कोरोनाकाल (Coronavirus in UP) में मार्केट की स्थिति कुछ ठीक नहीं हैं। ऐसे में आप अपने पैसे के निवेश को लेकर चिंतित हैं, तो पोस्ट ऑफिस (Post office) की चार सेविंग स्कीम (Saving scheme) ऐसी हैं, जहां निवेश कर न सिर्फ अपना बुढ़ापा सिक्योर कर सकेंगे बल्कि अपने नौनिहालों की पढ़ाई व दूसरी सप्लीमेंट्री जरूरतें भी सुरक्षित कर सकते हैं। पोस्ट ऑफिस (Post office) की कुछ छोटी बचत स्कीमें ऐसी हैं, जो निवेश के मामले में काफी बेहतर हैं। साथ ही इनसे होने वाली कमाई पर टैक्स (Tax saving scheme) में रियायत भी मिलती है। यह कौन सी स्कीमें हैं, आईये जानते हैं।
पीपीएफ-
पोस्ट ऑफिस (Post office) की छोटी बचत स्कीमों में पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) काफी प्रसिद्ध है। इसे आप अपने जीवनसाथी और बच्चों के नाम पर भी खोल सकते हैं। इसमें 15 साल का लॉक-इन पीरिएड होता है। पीपीएफ में निवेश पर 3 तरह से टैक्स बेनेफिट भी मिलता है। यानि निवेश की रकम, ब्याज और मैच्योरिटी पर टैक्स छूट मिलती है। इसमें एक साल में 1.5 लाख रुपए तक निवेश किया जा सकता है। हर साल कम से कम 500 रुपए का निवेश जरूरी है। यह खाता आप पोस्ट ऑफिस और बैंक में भी खोल सकते हैं।
टैक्ट सेवर एफडी-
टेक्स सेवर एफडी भी काम की योजना है। इसमें निवेश से 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है। 80C के तहत 1.5 लाख रुपए तक की टैक्स छूट संभव है। टैक्स सेवर एफडी में 5 साल का लॉक-इन पीरियड होता है। हालांकि FD से ब्याज टैक्सेबल होता है।
एनएससी-
एनएससी (नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट) में निवेश पर सरकार 80C के तहत टैक्स छूट देती है। नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट पर सालाना ब्याज भी मिलता है। और इसमें केवल 100 रुपए से निवेश की शुरुआत की जा सकती है। पोस्ट ऑफिस से आसानी से एनएससी में निवेश किया जा सकता है। लोग खुद के बच्चों और संयुक्त तौर पर अकाउंट खोल सकते हैं।
सुकन्या समृद्धि योजना-
मोदी सरकार ने बेटियों के लिए सुकन्या समृद्धि योजना शुरू की है। सुकन्या केंद्र सरकार की एक छोटी बचत योजना है। बेटी के जन्म के बाद, 10 की उम्र से पहले तक इस स्कीम को ले सकते हैं। साल में न्यूनतम 250 रुपए, अधिकतम 1.5 लाख रुपए निवेश संभव है। बेटी के 21 साल की होने पर खाता मैच्योर होगा और उससे मिलने वाली रकम काम आएगी। इसमें सालाना 1.5 लाख रुपए तक टैक्स छूट ले सकते हैं।